
किसी को रफ्ता-रफ्ता चाहा था , अब किश्तों में मरते हैं ।
कैसे कहें अपना हाल-ए-दिल , क्या बताएँ कि हम मोहब्बत करते हैं ।।
ईश्क की सौदेबाजी में , नीलाम हो गई चाहते मेरी ।
नफा-नुकसान के फासलों में , उम्मीद की गुंजाइश ढूँढा करते हैं ।।
ख्वाबों के शहर में , चाहत का एक ख्याल आया ।
कई जवाबों के बाद , संगीन एक सवाल आया ।।
रूखसत किया जिसे , जिसकी पसंद से हमने ।
वो जो शख्स था , मेरी कई इबादतों के बाद आया ।।❤️🍂
Ik kudi jihne kade layia c mere dil vich dera
umraan beet chaliyaa, chhayia e aakhiyaan aage hanera
na laiyaa uhne kde phera, shehar v pharoliyaa
par miliyaa ni mainu oh chehraa
ਇਕ ਕੁੜੀ ਜਿਹਨੇ ਕਦੇ ਲਾਇਆ ਸੀ ਮੇਰੇ ਦਿਲ ਵਿਚ ਡੇਰਾ
ਉਮਰਾਂ ਬੀਤ ਚੱਲੀਆਂ, ਛਾਇਆ ਏ ਅੱਖੀਆਂ ਅੱਗੇ ਹਨੇਰਾ
ਨਾ ਲਾਇਆ ਉਹਨੇ ਕਦੇ ਫੇਰਾ, ਸ਼ਹਿਰ ਵੀ ਫਰੋਲਿਆ
ਪਰ ਮਿਲਿਆ ਨੀ ਮੈਨੂੰ ਚਹਿਰਾ