sunsan raah hoe ne sajjna
tere dil de te mere shehar de
ਸੁੰਨਸਾਣ ਰਾਹ ਹੋਏ ਨੇ ਸੱਜਣਾਂ
ਤੇਰੇ ਦਿਲ ਦੇ ਤੇ ਮੇਰੇ ਸ਼ਹਿਰ ਦੇ
sunsan raah hoe ne sajjna
tere dil de te mere shehar de
ਸੁੰਨਸਾਣ ਰਾਹ ਹੋਏ ਨੇ ਸੱਜਣਾਂ
ਤੇਰੇ ਦਿਲ ਦੇ ਤੇ ਮੇਰੇ ਸ਼ਹਿਰ ਦੇ
Kaisi saza hai yeh,
Na woh mera ho raha hai,
Na hi mein usse door ja pa raha hoon😐
कैसी सज़ा है यह
न वो मेरा हो रहा है
न ही में उससे दूर जा पा रहा हूँ😐
उल्टे सीधे सपने पाले बैठे हैं
सब पानी में काँटा डाले बैठे हैं
इक बीमार वसीयत करने वाला है
रिश्ते नाते जीभ निकाल बैठे हैं
बस्ती का मामूल पे आना मुश्किल है
चौराहे पर वर्दी वाले बैठे हैं
धागे पर लटकी है इज़्ज़त लोगों की
सब अपनी दस्तार सँभाले बैठे हैं
साहब-ज़ादा पिछली रात से ग़ायब है
घर के अंदर रिश्ते वाले बैठे हैं
आज शिकारी की झोली भर जाएगी
आज परिंदे गर्दन डाले बैठे हैं