Rabba kyun laya si dil je tadvona hi si
Kyun milvaya si ode naal jide to door hona hi si
Rabba kyun laya si dil je tadvona hi si
Kyun milvaya si ode naal jide to door hona hi si
बेखौफ दिल लेकर,
बेपर्दा घूमने का शौंक रखते हैं,
उन्हे इश्क़ की क्या ज़रूरत,
जो सूरत खूबसूरत रखते हैं...
हमने डूबते सूरज की एक शाम को अपना किरदार बदल डाला,
के उस मोहब्बत की चुभन को शायरी का नजमा दे डाला,
लोग मेरी तकरीरों पर वाह वाही दे रहे थे,
भीड़ में कुछ लोग ताली बजाकर, तो कुछ लोग अपनी नाकाम मोहब्बत की दलील दे रहे थे।
महफिल के शोर से एक जानी पहचानी सी आवाज आई,
तू आज भी आगे नहीं बढ़ा की उसने गुहार लगाई,
उसकी इस शिकायत में परवान था पुराने यारो का ।
मै हैरान था कौन था यह शक्स
अनजानों की भीड़ में जिसने मेरे शब्दो में छुपी नाकाम मोहब्बत को पहचाना था,
मुस्कुराता हुआ सामने आया तब समझ आया अरे यह तो यार पुराना था।