Ki Har waqt ka hasna tujhe barbaad na kar de
Tanhai ke lamho me kabhi ro bhi liya kar…
कि हर वक़्त का हसना तुझे बर्बाद न कर दे
तन्हाई के लम्हो में कभी रो भी लिया कर…
Ki Har waqt ka hasna tujhe barbaad na kar de
Tanhai ke lamho me kabhi ro bhi liya kar…
कि हर वक़्त का हसना तुझे बर्बाद न कर दे
तन्हाई के लम्हो में कभी रो भी लिया कर…
खुशबू नहीं है मुझमें,
पर गुलशन महकाएं बहुत है...
मुझे आज़माया नहीं किसी ने,
मैनें अपनें आज़माएं बहुत हैं...
मैं रौनक पसंद हूं पर रौनक नहीं है मुझमें,
बुला रहे हो महफिल में वो झलक नहीं मुझमें...
इंतजाम मेरी खातिर बस इतना कर लेना
कड़वा हूं मैं,
कुछ कहूं तो मेरे होंठो पर ज़हर रख देना....
बीत गया जो सुनहरा वक्त,
बंद आंखों में ठहरा नज़र आता है…
जिस भी पत्थर पर सर झुकाया ,
बस तेरा चेहरा नज़र आता है…
वो गालों पर हाथ रखना तेरा,
आंखों में आंखें डाल देखना तेरा,
चुभने लगी है वो यादें तेरी,
हर इक लम्हे में अब पहरा नज़र आता है…💔