Ki Har waqt ka hasna tujhe barbaad na kar de
Tanhai ke lamho me kabhi ro bhi liya kar…
कि हर वक़्त का हसना तुझे बर्बाद न कर दे
तन्हाई के लम्हो में कभी रो भी लिया कर…
Ki Har waqt ka hasna tujhe barbaad na kar de
Tanhai ke lamho me kabhi ro bhi liya kar…
कि हर वक़्त का हसना तुझे बर्बाद न कर दे
तन्हाई के लम्हो में कभी रो भी लिया कर…
बहक जाते हैं कदम यूँ तो राह में चलते चलते..
मगर समझ लो तुम ऐ दोस्त..💚
मंजिल हमसफ़र पर ही जाकर थमती है! !! !🧡
अगर है प्यार मुझसे तो बताना भी ज़रूरी है
दिया है हुस्न मौला ने दिखाना भी ज़रूरी है
इशारा तो करो कभी मुझको अपनी निगाहों से
अगर है इश्क़ मुझसे तो जताना भी ज़रूरी है
अगर कर ले सभी ये काम झगड़ा हो नहीं सकता
ख़ता कोई नजर आए छुपाना भी ज़रूरी है
अगर टूटे कभी रिश्ता तुम्हारी हरकतों से जब
पड़े क़दमों में जाकर फिर मनाना भी ज़रूरी है
कभी मज़लूम आ जाए तुम्हारे सामने तो फिर
उसे अब पेट भर कर के खिलाना भी ज़रूरी है
अगर रोता नजर आए कभी मस्जिद या मंदिर में
बड़े ही प्यार से उसको हँसाना भी ज़रूरी है
~ मुहम्मद आसिफ अली