तहजीब, लहज़ा, अदब,
अब तो सब किताबी नज़्म है,
बाज़ार में उतर देखना ग़ालिब,
ईमान की भी कीमत लगने लगी है...
Enjoy Every Movement of life!
तहजीब, लहज़ा, अदब,
अब तो सब किताबी नज़्म है,
बाज़ार में उतर देखना ग़ालिब,
ईमान की भी कीमत लगने लगी है...

waqt hai aaj, katal kar do mera
kal duaon mujhe nawaza jayega
वक्त है आज, क़त्ल कर दो मेरा,
कल दुआओं मुझे नवाज़ा जाएगा...