तहजीब, लहज़ा, अदब,
अब तो सब किताबी नज़्म है,
बाज़ार में उतर देखना ग़ालिब,
ईमान की भी कीमत लगने लगी है...
Enjoy Every Movement of life!
तहजीब, लहज़ा, अदब,
अब तो सब किताबी नज़्म है,
बाज़ार में उतर देखना ग़ालिब,
ईमान की भी कीमत लगने लगी है...
Fullan te dilan di eko jehi e kahani
koi ful todh dewe koi dil todh dewe
ਫੁੱਲਾਂ ਤੇ ਦਿਲਾਂ ਦੀ ਇਕੋ ਜੇਹੀ ਏ ਕਹਾਣੀ
ਕੋਈ ਫੁੱਲ ਤੋੜ ਦੇਵੇ ਕੋਈ ਦਿਲ ਤੋੜ ਦੇਵੇ
🙋🙋
Tk_13__ में बैठता नही हूं रात में बाहर,,
बरना ये आसमान ये हवा ये चांद सितारे,
टूटते तारे ,, मुझे नहीं लगते उस के सामने प्यारे
अब तुम क्या जानो में
केसे जी रहा हु और किस के सहारे,, 🙅🙅
🎭🖇️🌍😊