तहजीब, लहज़ा, अदब,
अब तो सब किताबी नज़्म है,
बाज़ार में उतर देखना ग़ालिब,
ईमान की भी कीमत लगने लगी है...
Enjoy Every Movement of life!
तहजीब, लहज़ा, अदब,
अब तो सब किताबी नज़्म है,
बाज़ार में उतर देखना ग़ालिब,
ईमान की भी कीमत लगने लगी है...
Jaam ne bhi haar maan li
Tumhari yaadein bhulne ke liye..
Lagta hai maut se mulakat krni hi pdegi🍁
जाम ने भी हार मान ली..
तुम्हारी यादें भूलने के लिऐ..
लगता है मौत से मुलाकात करनी ही पड़ेगी🍁
