तहजीब, लहज़ा, अदब,
अब तो सब किताबी नज़्म है,
बाज़ार में उतर देखना ग़ालिब,
ईमान की भी कीमत लगने लगी है...
Enjoy Every Movement of life!
तहजीब, लहज़ा, अदब,
अब तो सब किताबी नज़्म है,
बाज़ार में उतर देखना ग़ालिब,
ईमान की भी कीमत लगने लगी है...
Ishq walo ne lutta di khali tizori bhi
kismat wale bole jogi ho to aisa
इश्क़ वालों ने लुटा दी खाली तिजोरी भी,
किस्मत वाले बोले जोगी हो तो ऐसा...
