तहजीब, लहज़ा, अदब,
अब तो सब किताबी नज़्म है,
बाज़ार में उतर देखना ग़ालिब,
ईमान की भी कीमत लगने लगी है...
Enjoy Every Movement of life!
तहजीब, लहज़ा, अदब,
अब तो सब किताबी नज़्म है,
बाज़ार में उतर देखना ग़ालिब,
ईमान की भी कीमत लगने लगी है...
Duniya ka sara nasha ek taraf
Aur teri ankhein ek taraf😍
Duniya ki sari haseen cheezein ek taraf
Aur teri hasi ek taraf🥰
दुनिया का सारा नशा एक तरफ
और तेरी आँखे एक तरफ😍
दुनिया की सारी हसीन चीज़े एक तरफ
और तेरी हसी एक तरफ 🥰
