तहजीब, लहज़ा, अदब,
अब तो सब किताबी नज़्म है,
बाज़ार में उतर देखना ग़ालिब,
ईमान की भी कीमत लगने लगी है...
तहजीब, लहज़ा, अदब,
अब तो सब किताबी नज़्म है,
बाज़ार में उतर देखना ग़ालिब,
ईमान की भी कीमत लगने लगी है...
Nazron mein kaid hai mere kuch haseen sapne
Mein ankhein band kar lu to duniya mujhe tanha karaar deti hai
Agar hawayon ko choo lun ti mere par kaat deti hai
Sapne dekhna to aadat hai meri
Bas yahi ek khushi hai jo mera gam bant deti hai…
नजरों में कैद हैं मेरे कुछ हसीन सपने…
मै आँखे बंद कर लूं तो दुनिया मुझे तनहा करार देती है,
अगर हवाओं को छू लूं तो मेरे पर काट देती है,
सपने देखना तो आदत है मेरी,
बस यही एक खुशी है जो मेरा गम बांट देती है…
Waah ! Oye sajjna tere ishq da asool
Galti teri howe ja meri
Saza menu hi karni pawe qubool💔..!!
ਵਾਹ ! ਓਏ ਸੱਜਣਾ ਤੇਰੇ ਇਸ਼ਕ ਦਾ ਅਸੂਲ
ਗਲਤੀ ਤੇਰੀ ਹੋਵੇ ਜਾਂ ਮੇਰੀ
ਸਜ਼ਾ ਮੈਨੂੰ ਹੀ ਕਰਨੀ ਪਵੇ ਕਬੂਲ💔..!!