तहजीब, लहज़ा, अदब,
अब तो सब किताबी नज़्म है,
बाज़ार में उतर देखना ग़ालिब,
ईमान की भी कीमत लगने लगी है...
Enjoy Every Movement of life!
तहजीब, लहज़ा, अदब,
अब तो सब किताबी नज़्म है,
बाज़ार में उतर देखना ग़ालिब,
ईमान की भी कीमत लगने लगी है...
Jise tum chahate ho,
Woh tumhara hua nahi,👐
Aur jo tumhai chahata hai,
Tum uske ho nahi pa rahe ho.😶💯
जिसे तुम चाहते हो
वो तुम्हारा हुआ नही👐
और जो तुम्हें चाहता है
तुम उसके हो नही पा रहे हो.😶💯