तहजीब, लहज़ा, अदब,
अब तो सब किताबी नज़्म है,
बाज़ार में उतर देखना ग़ालिब,
ईमान की भी कीमत लगने लगी है...
Enjoy Every Movement of life!
तहजीब, लहज़ा, अदब,
अब तो सब किताबी नज़्म है,
बाज़ार में उतर देखना ग़ालिब,
ईमान की भी कीमत लगने लगी है...
Never Love Someone
At The Cost Of Your Dignity And Self Respect…!!!
Tum bhool kar agar mujhe aage badh pao..
To samajh lena ke tumne kitne shiddat se yaad kiya tha🙃
तुम भूल कर अगर मुझे आगे बढ़ पाओ…
तो समझ लेना कि तुमने कितने शिद्दत से याद किया था🙃