
Tere Intezaar vich mukk rahe Haan..!!

Jagna v kabool saanu teriyaan yaadan vich raat bhar
ehna ehsaasan ch jo sakoon, neenda ch oh kithe
ਜਗਨਾ ਵੀ ਕਬੂਲ ਸਾਨੂੰ ਤੇਰੀਆਂ ਯਾਦਾਂ ਵਿੱਚ ਰਾਤ ਭਰ
ਇਹਨਾਂ ਅਹਿਸਾਸਾਂ ‘ਚ ਜੋ ਸਕੂਨ, ਨੀਂਦਾ ਵਿੱਚ ਓ ਕਿੱਥੇ
मोहब्बत धूप में छाँव की तरह है
धूप जमाने की तरह
तुम छाँव में रुकना मत यही छाँव ठण्ड में तुम्हें सतायेगी
ठण्ड समझदार की तरह
ये ठण्ड तुम्हें धूप की ओर ले जाएगी
धूप तुम्हे अंधेरे में छोड़ जाएगी
अंधेरे दो तरह की है
पहले में मां बाप साथ है दूसरे में उनकी याद
इसीलिये तो मां बाप अंधेरो में जीना सिखाते है
ताकी जब दूसरा अंधेरा आए तो तुम कहो
अंधेरो आओ अब हम तुम्हें रास्ता दिखाते है