
Dekh tera ishq methon ki kra reha e…!!

सिर्फ मै ही क्यों?
मर्यादा तो तुमने भी तोड़ा
फिर इलज़ाम सिर्फ मुझ पर ही क्यों?
इश्क़ तो तुमने भी किया मुझ से
फिर बेवफ़ा सिर्फ हम कैसे,
यादे तो तेरी भी है मेरे साथ
फिर भुलु सिर्फ मै कैसे,
साथ तो तुमने भी छोड़ा
फिर आँशु सिर्फ मेरे आँखों मे ही क्यों?
-anjali kashyap
इस जीवन की राहों में, दर्द और खुशी की बातें, सपनों की रौशनी में, हम सबकी आस्था है।
सूरज की किरनों में, खुशियों का सफर है, मन की गहराइयों में, सपनों का नजरिया है।
चाँद की रातों में, ख्वाबों की धड़कन है, जीवन के उत्सव में, हर दिन का मौका है।
प्यार की बातों में, दिल की धड़कन होती है, खुशियों की मिठास में, जीवन का सौभाग्य है।
इस प्रेम और सौंदर्य का, हम सबको अभिवादन है, हिन्दी कविता के रूप में, ये शब्द हमारा सन्देश है।