
Dekh tera ishq methon ki kra reha e…!!

Kinniyaan hi uljhanna ne
mere hathan diyaan lakeeran vich
safar inna te manzil ik v nahi
mere hathan diyaan lakiran vich
ਕਿੰਨੀਆਂ ਹੀ ਉਲਝਣਾਂ ਨੇ
ਮੇਰੇ ਹੱਥਾਂ ਦੀਆਂ ਲਕੀਰਾਂ ਵਿੱਚ
ਸਫਰ ਇੰਨਾ ਤੇ ਮੰਜ਼ਿਲ ਇਕ ਵੀ ਨਹੀਂ
ਮੇਰੇ ਹੱਥਾਂ ਦੀਆਂ ਲਕੀਰਾਂ ਵਿੱਚ
अगर है प्यार मुझसे तो बताना भी ज़रूरी है
दिया है हुस्न मौला ने दिखाना भी ज़रूरी है
इशारा तो करो कभी मुझको अपनी निगाहों से
अगर है इश्क़ मुझसे तो जताना भी ज़रूरी है
अगर कर ले सभी ये काम झगड़ा हो नहीं सकता
ख़ता कोई नजर आए छुपाना भी ज़रूरी है
अगर टूटे कभी रिश्ता तुम्हारी हरकतों से जब
पड़े क़दमों में जाकर फिर मनाना भी ज़रूरी है
कभी मज़लूम आ जाए तुम्हारे सामने तो फिर
उसे अब पेट भर कर के खिलाना भी ज़रूरी है
अगर रोता नजर आए कभी मस्जिद या मंदिर में
बड़े ही प्यार से उसको हँसाना भी ज़रूरी है
~ मुहम्मद आसिफ अली