
par jehrra tere naal aa
oh horaa naal nahi
Enjoy Every Movement of life!

मुर्शिद आज चराग़-ए-ग़म जलाऊँगा मैं
आज रात भर रात का दिल दुखाऊँगा मैं
आज किताब-ए-मुहब्बत के साथ साथ
तेरी निशानियों को भी आग लगाऊँगा मैं
ऐ सितमगर एहतियात-ए-हिजाब करना
अब फ़क़त तुझपे ही क़लम उठाऊँगा मैं
किसानों की किस्मत में पड़े हैं लाले,
ऊपर से सरकार के खेल बड़े ही निराले,
उन्हें कृषि मंत्री बनाया गया है जिनकी
सात पुश्तों ने भी खेत में पैर नहीं डाले।