
aapne ghar da vi raah bhule
dil ena churo choor hogyaa
laina ik ik saah bhule
asi kehnde si asi mar jawaange
jis din asi tainu haa bhule
asi ro ro ke pagal ho gaye
dhup bhule naale chha bhule
pehli mulakaat bhule
nale o tha bhule

स्त्री हूं मैं मेरा कहां सम्मान होता है
मेरे कपड़ों से मेरा चरित्र भाप लिया जाता है।
अगर जींस या वेस्टर्न ड्रेस पहन लूं मैं
तो मैं बिगड़ी हुई मान ली जाती हूं।
अगर मैं साड़ी भी पहनूं तो भी
उसमे भी खोट नजर आती है।
मेरी साड़ी में भी कमिया ही नजर आती है।
यहां तो एक औरत भी औरत का सम्मान नही करती
एक औरत को दूसरी औरत में भी खोट नजर आती है।
मेरे कपड़ों में कोई कमी नहीं कमी तुम्हारी नज़र में है
मैं कुछ भी पहन लूं तुम्हे कमी नजर आनी ही है।
Socha tha tadpayenge hum unhe,
Kisi aur ka naam leke jalayenge hum unhe,
Fir socha mene unhe tadpaake dard mujhe hi hoga,
To Fir bhala kis trah stayein hum unhe😐
सोचा था तड़पायेंगे हम उन्हें,
किसी और का नाम लेके जलायेगें उन्हें,
फिर सोचा मैंने उन्हें तड़पाके दर्द मुझको ही होगा,
तो फिर भला किस तरह सताए हम उन्हें।😐