teri muhabbat bhee kiraaye ke ghar kee tarah thi,
kitna bhi sajaaya par meri nahin huee……
तेरी मुहब्बत भी किराये के घर की तरह थी,
कितना भी सजाया पर मेरी नहीं हुई……
teri muhabbat bhee kiraaye ke ghar kee tarah thi,
kitna bhi sajaaya par meri nahin huee……
तेरी मुहब्बत भी किराये के घर की तरह थी,
कितना भी सजाया पर मेरी नहीं हुई……

हर जंग उम्मीद के दीये से ही लड़ी जाती है,
हर सिपाही यही सोचकर रणभूमि में उतरता है
कि विजयी होकर अपनों के बीच लौटेगा।
मगर जंग तो जंग है,
किसी को हारना ही पड़ता है,
किसी को घर छोड़ना ही पड़ता है।
और जो जीतते हैं,
वो भी कुछ खोकर ही जीत हासिल करते हैं।
यही हर जंग का आधार है, और ज़िन्दगी का सार भी है। 🌸
हर सिपाही यही सोचकर रणभूमि में उतरता है
कि विजयी होकर अपनों के बीच लौटेगा।
मगर जंग तो जंग है,
किसी को हारना ही पड़ता है,
किसी को घर छोड़ना ही पड़ता है।
और जो जीतते हैं,
वो भी कुछ खोकर ही जीत हासिल करते हैं।
यही हर जंग का आधार है, और ज़िन्दगी का सार भी है। 🌸” target=”_blank” rel=”noopener noreferrer nofolllow external”>Translate Facebook Whatsapp