
Khud asi tere ton mang ke
Tenu badi vaar maaf kar chukke haan..!!

Tadap ne jo dukh jarne sikhaye
Vakif hoye haan ishqi marzan ton..!!
Aadat pa lyi e sab sehne di
Bekhauf ho gaye haan ishq de dardan ton..!!
ਤੜਪ ਨੇ ਜੋ ਦੁੱਖ ਜਰਨੇ ਸਿਖਾਏ
ਵਾਕਿਫ਼ ਹੋਏ ਹਾਂ ਇਸ਼ਕੀ ਮਰਜ਼ਾਂ ਤੋਂ..!!
ਆਦਤ ਪਾ ਲਈ ਹੈ ਸਭ ਸਹਿਣੇ ਦੀ
ਬੇਖੌਫ਼ ਹੋ ਗਏ ਹਾਂ ਇਸ਼ਕ ਦੇ ਦਰਦਾਂ ਤੋਂ..!!
अगर है प्यार मुझसे तो बताना भी ज़रूरी है
दिया है हुस्न मौला ने दिखाना भी ज़रूरी है
इशारा तो करो कभी मुझको अपनी निगाहों से
अगर है इश्क़ मुझसे तो जताना भी ज़रूरी है
अगर कर ले सभी ये काम झगड़ा हो नहीं सकता
ख़ता कोई नजर आए छुपाना भी ज़रूरी है
अगर टूटे कभी रिश्ता तुम्हारी हरकतों से जब
पड़े क़दमों में जाकर फिर मनाना भी ज़रूरी है
कभी मज़लूम आ जाए तुम्हारे सामने तो फिर
उसे अब पेट भर कर के खिलाना भी ज़रूरी है
अगर रोता नजर आए कभी मस्जिद या मंदिर में
बड़े ही प्यार से उसको हँसाना भी ज़रूरी है
~ मुहम्मद आसिफ अली