
Khud asi tere ton mang ke
Tenu badi vaar maaf kar chukke haan..!!

ये किसने जेल में लाया खाना हाय अल्लाह,
मुजरिम का भी है कोई दीवाना हाय अल्लाह।
ये मज्मा भी मेरे रोने पे बजाता है ताली,
किसको सुनाएं अपना अफ़साना हाय अल्लाह।
अब क्या कि जुर्म किसने की है क़ुसुर है किसका,
अब तो लगा है मुझपर जुर्माना हाय अल्लाह।
मेरी नज़र क्या उस पे है सबकी नज़र मुझ पे है,
पूरा शहर है उसका दीवाना हाय अल्लाह।
वो मुझसे मिलता है रोज़ाना मगर नतीजा ये,
देखो तो लगता है वो बेगाना हाय अल्लाह।
जब भी किसी ने पूछा है धोखा कब मिला फिर तो,
बचपन का याद आए याराना हाय अल्लाह।
शिकवा नहीं है उससे बस दुख ‘अमीम’ इतना है,
क्यों मेरा लौट आया नज़राना हाय अल्लाह
Mohobbat e sab mohobbat e rab
Mohobbat rahe bas naal mere..!!
Mohobbat e menu mohobbat naal
Jo mohobbat hoyi e naal tere..!!
ਮੋਹੁੱਬਤ ਏ ਸਭ ਮੋਹੁੱਬਤ ਏ ਰੱਬ
ਮੋਹੁੱਬਤ ਰਹੇ ਬਸ ਨਾਲ ਮੇਰੇ..!!
ਮੋਹੁੱਬਤ ਏ ਮੈਨੂੰ ਮੋਹੁੱਬਤ ਨਾਲ
ਜੋ ਮੋਹੁੱਬਤ ਹੋਈ ਏ ਨਾਲ ਤੇਰੇ..!!