
Enjoy Every Movement of life!

कुछ नहीं है बात में, ये बात चुभती भी तो है,
भोर की पहली किरण भी सांझ में ढलती तो है,
उड़ता हूं मैं बाज़ सा आसमां की उस ऊंचाई में,
जिस तेज ताप पर, थोड़ी हवा चलती तो है,
गिरता हूं मैं उठता हूं कभी धरती कभी अंगड़ाई पे
जिंदगी भी दर बदर पर, जिंदगी चलती तो है,
बात इतनी ही नहीं के कायदे भी अब रो रहे,
सर झुका कर चलती दुनिया देख खलती भी तो है...
Gazab di himmat diti hai us rab ne mainu
oh dagabaji kari jande ne
te asi wafadaari kari jaande haan
ਗ਼ਜ਼ਬ ਦੀ ਹਿੰਮਤ ਦਿੱਤੀ ਹੈ ਉਸ ਰੱਬ ਨੇ ਮੈਨੂੰ..
ਉਹ ਦਗਾਬਾਜੀ ਕਰੀ ਜਾਂਦੇ ਨੇ,
ਤੇ ਅਸੀਂ ਵਫ਼ਾਦਾਰੀ ਕਰੀ ਜਾਂਦੇ ਹਾਂ….!!!