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THOKRAAN DI GULAAM (ਠੋਕਰਾਂ ਦੀ ਗੁਲਾਮ)

ਏ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਤਾਂ ਠੋਕਰਾਂ ਦੀ ਗੁਲਾਮ ਐ
ਖਾ ਖਾ ਠੋਕਰਾਂ, ਠੇਢੇ ਲਵਾਉਣਾ ਹੁਣ ਆਮ ਐ
ਜਿੱਥੇ ਪਿਆਰ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਕਤਲੇਆਮ ਐ
ਤੇ ਬੇਵਫਾਈ ਦਾ ਮਿਲਦਾ ਇਨਾਮ ਹੈ
ਏ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਤਾਂ ਠੋਕਰਾਂ ਦੀ ਗੁਲਾਮ ਐ

ਨਿੱਕੀ ਨੱਕੀ ਗੱਲ ਤੇ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਮਨਾਂ ‘ਚ ਇੰਤਕਾਮ ਐ
ਬੰਦਾ ਬੰਦੇ ਦੀ ਚੜ ਵੇਖ ਸੜਦਾ
ਭਾਂਵੇ ਅੱਗੇ ਵੱਜਦੇ ਸਲਾਮ ਐ
ਜਿੱਥੇ ਖੁਦਾ ਮੰਦਿਰਾਂ ਚ ਰੁਲਦਾ ਤੇ ਪੈਸਾ ਰਾਮ ਹੈ
ਏ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਉਸ ਦੁਨਿਆ ਦੀ ਗੁਲਾਮ ਐ

ਪਿਆਰ ‘ਚ ਵੱਜਦੀ ਸੱਟ, ਤੇ ਹੱਥਾਂ ਚ ਜਾਮ ਐ
ਭਰ ਕਿਤਾਬਾਂ ਆਰਫ਼ਾਨਾ ਕਲਾਮ, ਬਣਿਆ ਪਿਆਰ ਦਾ ਅਮਾਮ ਐ
ਇਹ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਵੀ ਕਾਹਦੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ
ਜੋ ਠੋਕਰਾਂ ਦੀ ਗੁਲਾਮ ਏ

ਪਰ ਗਗਨ ਦੀ ਕਲਮ ਯਾਰ ਦੀ ਗੁਲਾਮ ਐ
ਲਿਖਦੀ ਉਹਨੂੰ ਇਕ ਪੇਗਾਮ ਐ
ਕਿ ਤੈਨੂੰ ਹੱਥ ਜੋੜ ਪਰਨਾਮ ਹੈ
ਤੈਨੂੰ ਦਿਲੋਂ ਦੁਆ ਸਲਾਮ ਹੈ
ਏਹਿਓ ਸਾਡੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦਾ ਮੁਕਾਮ ਹੈ………

Punjabi Poetry, Sad Punjabi Poetry:

e zindagi tan thokran di gulam ae
kha kha thokran, thede lawauna hun aam ae
jithe pyar da hunda katleam ae
te bewafai da milda inam hai
e zindagi tan thokran di gulam ae

niki niki gal te lokan de mnaa ch intkam ae
banda bande di chadh vekh sarda
bhawe aghe vajhde salam ae
jithe khuda mandiraan ch rulda te paisa ram hai
e zindagi us duniyaa di gulam ae

pyar ch vajhdi satt, te hathan ch jaam ae
bhar kitabaan aarfana klaam, baneya pyar da amam ae
eh zindagi vi kahdi zindagi
jo thokraan di gulaam ae

par “Gagan” di kalam yaar di gulam ae
likhdi ohnu ik pegam ae
k tainu hath jodh parnaam hai
tainu dilo duaa, salaam hai
ehio sadhi zindagi da mukam hai ….

Tags: dard punjabi poetry, sad shayari, dil di kavita

Title: THOKRAAN DI GULAAM (ਠੋਕਰਾਂ ਦੀ ਗੁਲਾਮ)

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Bharat ki bhadhti jansankhiya

प्रस्तावना

जनसंख्या का मतलब एक विशेष स्थान पर रहने वाले कुल जीवों की संख्या है। दुनिया के कई हिस्सों में मुख्य रूप से गरीब देशों में मानव आबादी का विकास चिंता का विषय बन गया है। दूसरी ओर ऐसे भी स्थान हैं जहां जनसंख्या की दर बहुत कम है।

बढ़ती जनसंख्या – भारत में एक बड़ी समस्या

भारत को बढ़ती आबादी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। दुनिया की करीब 17% आबादी भारत में रहती है जिससे यह दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देशों में से एक है। लगभग हर विकासशील देश की तरह भारत में जनसंख्या की वृद्धि के लिए कई कारण हैं। भारत में आबादी के विकास के मुख्य कारणों में से एक निरक्षरता है। अशिक्षित और गरीब वर्ग के लोग अधिक संख्या में बच्चों को जन्म देते हैं। इसके लिए दो कारण हैं।

सबसे पहले उनके लिए अधिक बच्चे काम करने और परिवार के लिए पैसे कमाने में मदद करते हैं। दूसरा उनमें से ज्यादातर जन्म नियंत्रण विधियों के बारे में नहीं जानते हैं। प्रारंभिक विवाह के परिणामस्वरूप बच्चों की संख्या अधिक होती है। आबादी में वृद्धि की वजह से मृत्यु दर कम हो सकती है। विभिन्न बीमारियों के लिए इलाज़ और उपचार विकसित किए गए हैं और इस तरह मृत्यु दर में कमी आई है।

भारत में जनसंख्या नियंत्रण के लिए उठाए गए कदम

भारतीय जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए भारत सरकार ने कुछ कदम उठाए हैं। इनमें से कुछ इस प्रकार हैं:

  1. न्यूनतम विवाहयोग्य आयु

सरकार ने पुरुषों के लिए न्यूनतम विवाह योग्य आयु 21 वर्ष और महिलाओं के लिए 18 साल तय की है। हालांकि इस पर कोई कड़ी जांच नहीं है। देश के ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में लोग अभी भी कम उम्र में अपने बच्चों की शादी करते हैं। सरकार को शादी की न्यूनतम उम्र में वृद्धि करना चाहिए और इसके लिए जांच भी कड़ी करनी चाहिए।

  1. मुफ्त शिक्षा

भारत सरकार ने बच्चों को मुफ़्त और अनिवार्य शिक्षा कानून के अधिकार के जरिए देश के बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराई है। जनसंख्या को नियंत्रित करने का एक और तरीका है निरक्षरता को समाप्त करना।

  1. दत्तक ग्रहण को बढ़ावा देना

भारत सरकार बच्चों को गोद लेने को भी बढ़ावा दे रही है। ऐसे कई लोग हैं जो विभिन्न कारणों की वजह से अपने बच्चों को जन्म देते हैं। अपने स्वयं के बच्चे करने की बजाए बच्चों को अपनाना जनसंख्या को नियंत्रित करने का एक अच्छा तरीका है।

निष्कर्ष

भारत में बढ़ती आबादी गंभीर चिंता का विषय है। हालांकि सरकार ने इस पर नियंत्रण रखने के लिए कुछ कदम उठाए हैं लेकिन ये नियंत्रण पर्याप्त प्रभावी नहीं हैं। इस मुद्दे को रोकने के लिए कई अन्य उपाय किए जाने की आवश्यकता है।

Title: Bharat ki bhadhti jansankhiya


Judaa tumne mujhe kiya || sad Hindi shayari

Hindi sad shayari || जुदा तुमने मुझे कियालेकिन खुश आज फिर भी तुम नहीं।यह चांद बुझा-बुझा सा लग रहा हैपास से न तो दूर से ही सही ।।दु:ख तो बहुत मुझे तेरे दर्द काअपना ना तो पराया ही सही ।काश ! मैं तेरे दर्द भी अपनी तरफ मोड़ पातापर मैं बदकिस्मत तेरे हाथ की एक लकीर तक नहीं ।।
जुदा तुमने मुझे किया
लेकिन खुश आज फिर भी तुम नहीं।
यह चांद बुझा-बुझा सा लग रहा है
पास से न तो दूर से ही सही ।।
 
दु:ख तो बहुत मुझे तेरे दर्द का
अपना ना तो पराया ही सही ।
काश ! मैं तेरे दर्द भी अपनी तरफ मोड़ पाता
पर मैं बदकिस्मत तेरे हाथ की एक लकीर तक नहीं ।।

Title: Judaa tumne mujhe kiya || sad Hindi shayari