Too Hazar Bar Bhi Roothe To Mna Lunga Tujhe
Magar Dekh Mohabbat Me Shamil Koi Dusra Na Ho
तू हज़ार बार भी रूठे तो मना लूँगा तुझे
मगर देख मोहब्बत में शामिल कोई दूसरा ना हो
Too Hazar Bar Bhi Roothe To Mna Lunga Tujhe
Magar Dekh Mohabbat Me Shamil Koi Dusra Na Ho
तू हज़ार बार भी रूठे तो मना लूँगा तुझे
मगर देख मोहब्बत में शामिल कोई दूसरा ना हो
तेरा ईश्क रहता है , मेरे सपनों के शहर में ।
दबी जुबां में मुझसे , एक बात कहता है ।।
मन में बसी है तू , दिल तुझसे मिलने को बेकरार है ।
नाराजगी छोड़ दे ना , तेरा प्यार तो मेरे लहू में बहता है ।।
ख्वाबों की गलियों में , बसी चाहत है सनम ।
फितूरी का खुमार भी , बस तेरा ही नाम कहता है ।।
आँखों में नींद नहीं , सुकून में भी चैन नहीं ।
बस इजहार-ए-मोहब्बत का ख्याल , हर पल मेरे जहन में रहता है ।।
Bahut besabri se intezaar karte hain hum,
Tumhari ek jhalak ko bekaraar marte hain hum,
Khud ko ye kehkar dilasa de diya karte hain
ke tum chahe chale bhi jao
phir bhi Tumse hi beshumaar pyar karenge hum❤
बहुत बेसबरी से इंतज़ार करते हैं हम
तुम्हारी एक झलक को बेकरार मरते हैं हम
खुद को यह कह कर दिलासा दे दिया करते हैं
कि तुम चाहे चले भी जाओ
फिर भी तुमसे ही बेशुमार प्यार करेंगे हम❤