Too Hazar Bar Bhi Roothe To Mna Lunga Tujhe
Magar Dekh Mohabbat Me Shamil Koi Dusra Na Ho
तू हज़ार बार भी रूठे तो मना लूँगा तुझे
मगर देख मोहब्बत में शामिल कोई दूसरा ना हो
Too Hazar Bar Bhi Roothe To Mna Lunga Tujhe
Magar Dekh Mohabbat Me Shamil Koi Dusra Na Ho
तू हज़ार बार भी रूठे तो मना लूँगा तुझे
मगर देख मोहब्बत में शामिल कोई दूसरा ना हो
मंजिल दूर और सफ़र बहुत है,
छोटी सी ज़िन्दगी और फिक्र बहुत है,
मार डालता ये जहान कब का हमें,
पर मेरी माँ की दुआओं में असर बहुत है…
किस्मतों से मिलती है माँ की ममता,
उस ममता में प्यार कभी नही थमता,
खुश-किस्मत हु मैं जो माँ का प्यार मिला,
ज़िन्दगी से मुझे नही है कोई गिला…
Mana ki Andhere se roshani bhut khoobsurat hai aashayein usko dijiyega jise uski jarurat hai han sach hai aadmi apne dukho ko roshni ki aag me jalaa lete hai jisne manzil ki taraf chlana ho vo bina roshani bhi apne raah bna hi leta hai nhi mohtaaz roshani ki andhere ka dar seh jaye lekin andhere ka bhi waqt aata hai kyoki ye nhi ki roshani hamaare paas hamesha ke liye reh jaye
माना कि अंधेरे से रोशनी बहुत खूबसूरत है आशाएं उसे दीजिएगा जिसको उसकी ज़रूरत है हां सच है आदमी अपने दुखों को रोशनी की आग में जला लेता है जिसने मंज़िल की तरफ चलना हो वो बिना रोशनी भी अपने राह बना ही लेता है नही मोहताज़ रोशनी कि अंधेरे का डर सह जाए लेकिन अंधेरे का भी वक़्त आता है क्योंकि ये नही कि रोशनी हमारे पास हमेशा के लिए रह जाए