तन पर खराब पुराने कपड़े होते हैं,
पैर मिट्टी में पूरी तरह सने होते हैं,
कड़ी सुलगती धूप में काम करते हैं जो,
ये कोई और नहीं सिर्फ किसान है वो,
धरती की छाती हल से चीर देते हैं,
हमारे लिए अन्न की फसल उगा देते हैं,
किसान अपनी फसल से बहुत प्यार करते हैं,
गरमी, सरदी, बरसात में जूझते रहते हैं,
मान लेते हैं की किसान बहुत गरीब होते हैं,
हमारी थाली में सजा हुआ खाना यही देते हैं,
इनके बिना हमें अनाज कभी मिल नहीं पाता,
दौलत कमा लेते पर कभी पेट न भर पाता,
भूमि को उपजाऊ बनाने वाले किसान है,
हमारे भारत का मान, सम्मान और शान हैं,
ये सच्ची बात सब अच्छे से जानते हैं,
किसान को हम अपना अन्नदाता मानते हैं,
हम ये बात क्यों नहीं कभी सोचते हैं,
गरीब किसान अपना सब हमें देते हैं,
हम तो पेट भर रोज खाना खा लेते हैं,
किसान तो ज्यादतर खाली पेट सोते हैं,
तरुण चौधरी
आज गया ऐसे ही
कल भी चला जायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|
दुःख है आज जिंदगी मे तेरे
कल सुख भी पायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|
साथी पहुंच जायेगे बहुत आगे
तू पीछे ही रह जायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|
समय बितता जायेगा
तू सोचता ही रह जायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|
जिंदगी के सभी सपने
मेहनत से ही पुरे कर पायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|
आज मेहनत करेगा तभी
कल मेहनत का फल पायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|
जब शरीर मे जान ही नही बचेगी
तब क्या मेहनत करेगा
आज गया समय ऐसे ही
कल तो तू ही चले जायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|
जब कुछ नही कर पायेगा तो
किस्मत को जिम्मेवार ठहरायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|
मेहनत कर ऐ इंसान तू अब
कब तक ऐसे बैठे रहेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|
गरीब है अगर तू आज
कल अमीर बन जायेगा|
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|
कब तक परिवारवालो की
मेहनत की रोटी तू खायेगा
एक दिन तू जरूर पछतायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|
मेहनत कर ऐ इंसान
तू आगे ही बढ़ता जायेगा
दुनिया के नजरों मे एक दिन
सफल इंसान बन जायेगा|
अब सुन ऐ इंसान एक बात आज
जब तक नही निकालेगा अपने
अंदर के आलस को तू बाहर
तब तक मेहनत करने से
कतरायेगा तू हर बार|
कामयाब वही होते है
जो कुछ कर दिखाते है
वरना सोचता तो हर इंसान है|
सोच मे तो ऐ इंसान तू बैठे-बैठे
बडे बडे सपने देख लेता है
जब मेहनत करने समय आता है
तो सपनो को दो मिनट मे तोड़ देता है|
सपने ऐसे देख जिसको तू पूरा कर सके
ऐसे सपने ही क्यों देखने जिनको
पाने की तू हिम्मत ही न रख सके |
कितने आये जिंदगी मे
ओर कितने चले गये
नाम उनका ही रहा
जो कुछ करके दिखा गये|
वो सोचते थे जो भी
उसको पूरा करके दिखाते थे
उनका मुँह नही बोलता था
काम बोलके दिखाता था |
मेहनत करके ऐ इंसान
जब तू इस जिंदगी से जायेगा
तेरा नाम रहेगा इस दुनिया मे
ओर तू अमर कहलायेगा.