
sanu yaad ta dur di gal
loki ta apni wish puri karn de lai
sade tutan da intezaar karde ne

Kujh lok jo apne nahi san
mere dil nu apne lagn laghe
te kujh jo apne san
ohna val dil ne kade vekheyaa na
ਕੁਝ ਲੋਕ ਜੋ ਆਪਣੇ ਨਹੀਂ ਸਨ
ਮੇਰੇ ਦਿਲ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਲੱਗਣ ਲੱਗੇ
ਤੇ ਕੁਝ ਜੋ ਆਪਣੇ ਸਨ
ਉਹਨਾ ਵੱਲ ਦਿਲ ਨੇ ਕਦੇ ਵੇਖਿਆ ਨਾ
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
उठता है तूफान सीने में जब
जहन में सवाल इक आता है
जब जाना ही है दूर तो
क्यों करीब कोई आता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
जिसे देखना भी नही मुनासिब
आंखे बंद कर करीब उसी को पता है
ढूंढ ले खामियां उसकी हजार पर
दिल तो आज भी बेहतर उसी को बताता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
सपने देखता है नई दुनिया बसाने के तू
नींद तेरी आज भी वही चुराता है
बेख्याल होने का करले तमसील भले
मिलने का ख्याल तो आज भी सताता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….