
sanu yaad ta dur di gal
loki ta apni wish puri karn de lai
sade tutan da intezaar karde ne

वो मेरे चर्चे गुफ्तगू के बहाने से सबसे करते हैं,
ये जान के भी हम इस बात से हर पल मरते हैं,
जिन अपनो को के लिए सीने में मोहब्बत थी,
उनके अब हम पास गुजरने से भी बहुत डरते हैं,
मुझे कैद करके कितना जीने दे सकोगे तुम भला,
देखो कितनी शिद्दत से हम मौत की दुआ पढ़ते हैं,
मेरी जान को गुनाहों से तौल कर क्या पा लोगे,
मेरे हर्फ़ के वजन से गुनाह अक्सर बदलते हैं ,
उर्दू का कोई शायर होता मैं लफ्ज़ संभाल लेता,
गोया अगर होते तो लफ्ज़ न गिरते, न इतना संभलते।
ਇਕੱਲਾ ਰਹਿਣਾ ਤਾਂ ਸਿੱਖ ਲਿਆ ਮੈ
ਪਰ ਕਦੀ ਖੁਸ਼ ਨਾ ਰਹਿ ਪਾਵਾਂਗਾ
ਤੇਰੀ ਦੂਰੀ ਨਾ ਸਹਿ ਪਾਵਾਂਗਾ
ekala rehna tan sikh liyaa me
par kadi khush na reh pawanga
teri doori na seh pawanga