Tu jab se begana hua,
Mera ghar mekhana hua!
Mekhane se jaam lekar,
Peeti hoon tera naam lekar!
तू जब से बेगाना हुआ,
मेरा घर मैखाना हुआ।
मैखाने से जाम लेकर,
पीती हूँ तेरा नाम लेकर।
Tu jab se begana hua,
Mera ghar mekhana hua!
Mekhane se jaam lekar,
Peeti hoon tera naam lekar!
तू जब से बेगाना हुआ,
मेरा घर मैखाना हुआ।
मैखाने से जाम लेकर,
पीती हूँ तेरा नाम लेकर।
“फिर आज युंहिं मौसम बदला, चहकती
देखो हर एक डाल है..
मद्धम सी बरसात हुई, छिल गई कई पेड़ों की छाल है..
हर पत्ते हर डाली ने पूछा, क्या दर्द हुआ? क्या तेरा हाल है..
कहा हुआ हूं, नया मैं फिर से, क्या जानो तुम कुदरत कमाल है..
मुझको ताकत दी है इतनी, शक्ति मेरी बेमिसाल है..
हर जीव में सांसें भरता हूं, सब करते मेरा इस्तेमाल है..
काटेंगे मुझे तो भुगतेंगे, कुदरत का कहर सबसे विशाल है..
बे-मौसम जो मौसम बदल रहे हैं, जवाब पता है, फिर भी सवाल है..”
saanu tu injh chahida jive hundi e
piyaase nu paani di lodh
har modh te jaape saanu sirf teri hi thod
ਸਾਨੂੰ ਤੂੰ ਇੰਝ ਚਾਹੀਦਾ
ਜਿਵੇ ਹੁੰਦੀ ਏ ਪਿਆਸੇ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਲੋੜ
ਹਰ ਮੋੜ ਤੇ ਜਾਪੇ ਸਾਨੂੰ ਸਿਰਫ ਤੇਰੀ ਹੀ ਥੋੜ