टुकड़े कितने किए तूने बदला पुराना लगता है
तेरे लोट आने की बात अब बहाना लगता है
वैसे तो भूलते नही है हम पर
तेरे साथ बिता वक्त अब पुराना लगता है
Enjoy Every Movement of life!
टुकड़े कितने किए तूने बदला पुराना लगता है
तेरे लोट आने की बात अब बहाना लगता है
वैसे तो भूलते नही है हम पर
तेरे साथ बिता वक्त अब पुराना लगता है

हालातों से टकराकर हमने, खुद को मजबूत बनाया है..
तभी तो हर दर्द से लड़ने का, हुनर हम में आया है..
पहले डरा करते थे दर्द से हम, अब दर्द को हमने डराया है..
पहले रहता था, ताव में वो, अब जाकर घुटनों पे आया है..
अब नहीं सताता वो हमको, हमने खुदको इतना सताया है..
हम पत्थर बनकर बैठे गए, पत्थरों से कौन लड पाया है….