टुकड़े कितने किए तूने बदला पुराना लगता है
तेरे लोट आने की बात अब बहाना लगता है
वैसे तो भूलते नही है हम पर
तेरे साथ बिता वक्त अब पुराना लगता है
Enjoy Every Movement of life!
टुकड़े कितने किए तूने बदला पुराना लगता है
तेरे लोट आने की बात अब बहाना लगता है
वैसे तो भूलते नही है हम पर
तेरे साथ बिता वक्त अब पुराना लगता है
कुछ अधूरे ख़्वाब जगा जाते हो,
मायूस चेहरे की मुस्कान जगा जाते हो...
सुबह पहली किरण भी तुम्हारी सादगी देखने आती है,
सांझ की रौशनी तुम्हारी जुल्फों में खो जाती है...
हवाएं तुमसे खुशबू लेकर चल रही हैं,
वो तितलियां भी तुम्हारे लबों सी खिल रही है...
कैसे बताऊं तुम्हे जैसे तुम इक किस्सा हो,
मेरी ज़िन्दगी हो मेरा इक हिस्सा हो...
