Waqt ko baaton mein uljhana aata tha humein
Agar zid tumhari jane ki na hoti✨
वक़्त को बातो में उल्ज़ाना आता था हमे
अगर जिद तुम्हारी जाने की न होती✨
Waqt ko baaton mein uljhana aata tha humein
Agar zid tumhari jane ki na hoti✨
वक़्त को बातो में उल्ज़ाना आता था हमे
अगर जिद तुम्हारी जाने की न होती✨
उसके चेहरे में कई राज छुपे हैं, घबराती है बताने से..
कभी बेखौफ करे इजहार कभी, डरे जज्बात जताने से..
कभी आँखों से हटने नहीं देती, कभी फ़र्क नी पड़ता जाने से..
कभी मारने पर हंस पडती है, कभी रोये हाथ लगाने से..
कभी-कभी वो बाज नहीं आती, बेमतलब प्यार लुटाने से..
कभी लगे ना जाने कैसा प्यार है, भर देती दिल वो ताने से..
कभी-कभी वो घबरा जाती है, मुझे अपने पास बुलाने से..
कभी-कभी नहीं थकती वो अपनी, पलकों पे मुझे झूलाने से..
कभी दूर मुझसे है हो जाती, अचानक किसी के आने से..
कभी लड़ पड़ती मेरा हाथ पकड़ कर, मेरे लिए वो भरे जमाने से..
कभी परेशान हो जाता उसके, बेमतलब के शर्माने से..
कभी मुश्किल में फंस जाता हूं, परदा भी उसे कराने से..
अब तो मुझे भी डर है उसके, अचानक ही मुस्कुराने से..
क्या सबकी जिंदगी में है कोई ऐसा, या मेरी ही अलग है जमाने से..
Kive kaha ohna pala di kahani mein
Jad dhrt-akash do roohan nu milaunda e..!!
Oh mulakat e ishq ruhaniyat di
Rabb aap miln jiwe aunda e..!!
ਕਿਵੇਂ ਕਹਾਂ ਉਹਨਾਂ ਪਲਾਂ ਦੀ ਕਹਾਣੀ ਮੈਂ
ਜਦ ਧਰਤ-ਅਕਾਸ਼ ਦੋ ਰੂਹਾਂ ਨੂੰ ਮਿਲਾਉਂਦਾ ਏ..!!
ਉਹ ਮੁਲਾਕਾਤ ਏ ਇਸ਼ਕ ਰੂਹਾਨੀਅਤ ਦੀ
ਰੱਬ ਆਪ ਮਿਲਣ ਜਿਵੇਂ ਆਉਂਦਾ ਏ..!!