Waqt ko baaton mein uljhana aata tha humein
Agar zid tumhari jane ki na hoti✨
वक़्त को बातो में उल्ज़ाना आता था हमे
अगर जिद तुम्हारी जाने की न होती✨
Waqt ko baaton mein uljhana aata tha humein
Agar zid tumhari jane ki na hoti✨
वक़्त को बातो में उल्ज़ाना आता था हमे
अगर जिद तुम्हारी जाने की न होती✨
ye bhee achchha hua ki,
kudarat ne rangeen nahee rakhe ye aansoo,
varana jisake daaman mein girate,
vo bhee… badanaam ho jaata…
ये भी अच्छा हुआ कि,
कुदरत ने रंगीन नही रखे ये आँसू,
वरना जिसके दामन में गिरते,
वो भी… बदनाम हो जाता…
हजार बार माफ किया तुमने एक आखिरी दफा भी कर दो ना
दिल वीरान हो गया है तेरे जाने से एसे भर दो ना
तेरी खामोशिया पल-पल मारेगी मुझे
अपना समझ ही फिर अपना कर दो ना
लाख बुरा हूँ चाहे मैं
पर हूँ तो तेरा समझो ना ….. एक आखिरी दफा माफ करो दो ना ।
तुझसे दूर जाऊ भी तो जाऊ कैसे टूजसे मेरी रूह जुड़ गयी है
तुझे नाराज करके मेरी रूह मेरे जिस्म से उड़ गयी है ,
अपने गले लगा के कह दे की तू मेरी है
तुझे फिर देखने को मेरी आँख तरस गयी है ।