jeonde jeonde mar raahe
intezaar mehboob da kar rahe
maut ton batar zindagi saaddi
udeek ch yaar di sadh rahe
ਜਿਉਂਦੇ ਜਿਉਂਦੇ ਮਰ ਰਹੇ
ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਮੇਹਬੂਬ ਦਾ ਕਰ ਰਹੇ
ਮੋਤ ਤੋ ਬਤਰ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਸ਼ਾਡੀ
ਉਡੀਕ ਚ ਯਾਰ ਦੀ ਸੜ ਰਹੇ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
jeonde jeonde mar raahe
intezaar mehboob da kar rahe
maut ton batar zindagi saaddi
udeek ch yaar di sadh rahe
ਜਿਉਂਦੇ ਜਿਉਂਦੇ ਮਰ ਰਹੇ
ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਮੇਹਬੂਬ ਦਾ ਕਰ ਰਹੇ
ਮੋਤ ਤੋ ਬਤਰ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਸ਼ਾਡੀ
ਉਡੀਕ ਚ ਯਾਰ ਦੀ ਸੜ ਰਹੇ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
सर में सौदा भी नहीं दिल में तमन्ना भी नहीं
लेकिन इस तर्क-ए-मोहब्बत का भरोसा भी नहीं
दिल की गिनती न यगानों में न बेगानों में
लेकिन उस जल्वा-गह-ए-नाज़ से उठता भी नहीं
मेहरबानी को मोहब्बत नहीं कहते ऐ दोस्त
आह अब मुझ से तिरी रंजिश-ए-बेजा भी नहीं
एक मुद्दत से तिरी याद भी आई न हमें
और हम भूल गए हों तुझे ऐसा भी नहीं
आज ग़फ़लत भी उन आँखों में है पहले से सिवा
आज ही ख़ातिर-ए-बीमार शकेबा भी नहीं
बात ये है कि सुकून-ए-दिल-ए-वहशी का मक़ाम
कुंज-ए-ज़िंदाँ भी नहीं वुसअ’त-ए-सहरा भी नहीं
अरे सय्याद हमीं गुल हैं हमीं बुलबुल हैं
तू ने कुछ आह सुना भी नहीं देखा भी नहीं
आह ये मजमा-ए-अहबाब ये बज़्म-ए-ख़ामोश
आज महफ़िल में ‘फ़िराक़’-ए-सुख़न-आरा भी नहीं
ये भी सच है कि मोहब्बत पे नहीं मैं मजबूर
ये भी सच है कि तिरा हुस्न कुछ ऐसा भी नहीं
यूँ तो हंगामे उठाते नहीं दीवाना-ए-इश्क़
मगर ऐ दोस्त कुछ ऐसों का ठिकाना भी नहीं
फ़ितरत-ए-हुस्न तो मा’लूम है तुझ को हमदम
चारा ही क्या है ब-जुज़ सब्र सो होता भी नहीं
मुँह से हम अपने बुरा तो नहीं कहते कि ‘फ़िराक़’
है तिरा दोस्त मगर आदमी अच्छा भी नहीं
Mere dil da sakoon e tu
taithon door ho k me gumm ho jaana
tere rang vich hun dil rangi baithi aa
je tu khafaa hoyeaa ta me bilkul berang ho jaana
ਮੇਰੇ ਦਿਲ ਦਾ ਸਕੂਨ ਏ ਤੂੰ,
ਤੈਥੋ ਦੂਰ ਹੋ ਕੇ ਮੈਂ ਗੁੰਮ ਹੋ ਜਾਣਾ!!
ਤੇਰੇ ਰੰਗ ਵਿਚ ਹੁਣ ਦਿਲ ਰੰਗੀ ਬੈਠੀ ਆਂ,
ਜੇ ਤੂੰ ਖਫਾ ਹੋਇਆ ਤਾਂ ਮੈਂ ਬਿਲਕੁਲ ਬੇਰੰਗ ਹੋ ਜਾਣਾ!!