
Haunsle di tarkash vich
koshishaan de teer zinda rakh
haar ja zindagi ch sabh kujh bhawe
par fir ton jitan di umeed zinda rakh

Haunsle di tarkash vich
koshishaan de teer zinda rakh
haar ja zindagi ch sabh kujh bhawe
par fir ton jitan di umeed zinda rakh
आज तिरंगा फहराया है अपनी पूरी शान से
हमें मिली आजादी वीर शहीदों के बलिदान से
आजादी के लिए हमारी लम्बी लड़ाई चली थी
लाखों लोगों ने प्राणों से कीमत बड़ी चुकाई थी
व्यापारी बनकर आये और छल से हम पर राज किया
हमको आपस में लडवाने की नीति अपनाई थी
हमने अपना गौरव पाया अपने स्वाभिमान से
हमे मिली आजादी वीर शहीदों के बलिदान से
गाँधी तिलक सुभाष जवाहर का यह प्यारा देश है
जियो और जीने दो सबको देता ये संदेश हैं
प्रहरी बनकर खड़ा हिमालय जिसके उत्तर द्वार पर
हिन्द महासागर दक्षिण में इसके लिए विशेष हैं
लगी गूंजने दसो दिशाएं वीरों के यशगान से
हमें मिली आजादी वीर शहीदों के बलिदान से
हमें अपनी मातृभूमि इतना मिला दुलार है
इसके आंचल की छैया से ये छोटा संसार है
हम न कभी हिंसा के आगे अपना शीश झुकाएगे
सच पूछो तो पूरा विश्व ही हमारा परिवार है
विश्व शांति की चली हवाएं अपने हिंदुस्तान से
हमें मिली आजादी वीर शहीदों के बलिदान से
हमें मिली आजादी वीर शहीदों के बलिदान से
नज़रें उठा कर देखने वालों का क़त्ल कर, वो एक फूल रख जाते हैं,
कयामत हैं अदाएं और जाते वक्त, अपना गुनाह कबूल कर जाते हैं,
वाकिफ है ज़माना उसके क़त्ल ए आम के हुनर से, लेकिन,
अक्सर आशिक नज़रें उठा कर उसके सामने, वही भूल कर आते है...
वो उनका कत्ल कर बस एक फूल रख जाते हैं....