Socha na tha,
Vo haseen chehra khwabon se nikal kar deedar dega,
Na jane kitni shaamein guzar di is shaam ki khatir… ❤
सोचा ना था,
वो हसीन चेहरा ख़्वाबों से निकल कर दीदार देगा,
ना जाने कितनी शामें गुज़ार दी इस शाम की खातिर…❤
Socha na tha,
Vo haseen chehra khwabon se nikal kar deedar dega,
Na jane kitni shaamein guzar di is shaam ki khatir… ❤
सोचा ना था,
वो हसीन चेहरा ख़्वाबों से निकल कर दीदार देगा,
ना जाने कितनी शामें गुज़ार दी इस शाम की खातिर…❤
ईद के ख़ास मौक़े पर कोई ख़ुदाई से मिले,
दुश्मन – दुश्मन से मिले भाई – भाई से मिले
दुनियां वालों तुम्हें क्यों जलन होती है अग़र,
मुस्लिम सीख़ से मिले या सीख़ ईसाई से मिले
उस बंटवारे को अल्लाह भी क़बूल नहीं कर्ता,
जो हिस्सा इंसानों को ख़ून की लड़ाई से मिले
ग़ले ज़रूर मिलो मग़र ग़ला काटने के लिए नहीं,
क़ल को क्या पता किसका वक़्त जा बुराई से मिले
ये शायर तेरा आशिक़ है एक ही बात कहता है
हमसे जब भी जो भी मिले दिल की गहराई से मिले
Zaruri ta ni jo assi odey bare soch de aa o v sadey bare soch dii hove..
Zaruri ta ni jo supne assi dekh de aa o v dekh di hove ….
Zaruri ta ni jina assi onu chandey aa o v shanuu onaa hii chandii hove..
Zaruri ta ni jina assi onuu milan lii tarasde aa o v shanu milan lii tarasdi hove Zaruri ta nii….