Ye kalyug hai jnaab
Yhan waqt ghadi ki suiyaa nhi apno ka raviyaa batata hai💯
ये कलयुग है जनाब
यहां वक्त घड़ी की सुइयां नही अपनो का रवैया बताता है 💯
Ye kalyug hai jnaab
Yhan waqt ghadi ki suiyaa nhi apno ka raviyaa batata hai💯
ये कलयुग है जनाब
यहां वक्त घड़ी की सुइयां नही अपनो का रवैया बताता है 💯
सर में सौदा भी नहीं दिल में तमन्ना भी नहीं
लेकिन इस तर्क-ए-मोहब्बत का भरोसा भी नहीं
दिल की गिनती न यगानों में न बेगानों में
लेकिन उस जल्वा-गह-ए-नाज़ से उठता भी नहीं
मेहरबानी को मोहब्बत नहीं कहते ऐ दोस्त
आह अब मुझ से तिरी रंजिश-ए-बेजा भी नहीं
एक मुद्दत से तिरी याद भी आई न हमें
और हम भूल गए हों तुझे ऐसा भी नहीं
आज ग़फ़लत भी उन आँखों में है पहले से सिवा
आज ही ख़ातिर-ए-बीमार शकेबा भी नहीं
बात ये है कि सुकून-ए-दिल-ए-वहशी का मक़ाम
कुंज-ए-ज़िंदाँ भी नहीं वुसअ’त-ए-सहरा भी नहीं
अरे सय्याद हमीं गुल हैं हमीं बुलबुल हैं
तू ने कुछ आह सुना भी नहीं देखा भी नहीं
आह ये मजमा-ए-अहबाब ये बज़्म-ए-ख़ामोश
आज महफ़िल में ‘फ़िराक़’-ए-सुख़न-आरा भी नहीं
ये भी सच है कि मोहब्बत पे नहीं मैं मजबूर
ये भी सच है कि तिरा हुस्न कुछ ऐसा भी नहीं
यूँ तो हंगामे उठाते नहीं दीवाना-ए-इश्क़
मगर ऐ दोस्त कुछ ऐसों का ठिकाना भी नहीं
फ़ितरत-ए-हुस्न तो मा’लूम है तुझ को हमदम
चारा ही क्या है ब-जुज़ सब्र सो होता भी नहीं
मुँह से हम अपने बुरा तो नहीं कहते कि ‘फ़िराक़’
है तिरा दोस्त मगर आदमी अच्छा भी नहीं
Loki dardan ton door bhajde ne
Ni main dardan di faryaad karan
Jihne dukh jhalan di jaach ditti
Ohnu har pal dil vich yaad karan..
Jad pya c vaah ehna naal
Tan sada chaleya koi zor nhi
Phir khud nu c samjhaya main
Sanghu tu aina vi kamzor nhi…
ਲੋਕੀ ਦਰਦਾਂ ਤੋਂ ਦੂਰ ਭੱਜਦੇ ਨੇ
ਨੀ ਮੈਂ ਦਰਦਾਂ ਦੀ ਫਰਿਆਦ ਕਰਾਂ
ਜਿਹਨੇ ਦੁੱਖ ਝੱਲਣ ਦੀ ਜਾਚ ਦਿੱਤੀ
ਉਹਨੂੰ ਹਰ ਪਲ ਦਿਲ ਵਿੱਚ ਯਾਦ ਕਰਾਂ
ਜਦ ਪਿਆ ਸੀ ਵਾਹ ਇਹਨਾਂ ਨਾਲ
ਤਾਂ ਸਾਡਾ ਚੱਲਿਆ ਕੋਈ ਜ਼ੋਰ ਨਹੀਂ
ਫਿਰ ਖੁਦ ਨੂੰ ਸੀ ਸਮਝਾਇਆ ਮੈਂ
ਸੰਘੂ ਤੂੰ ਇੰਨਾ ਵੀ ਕਮਜ਼ੋਰ ਨਹੀਂ…