Ye kalyug hai jnaab
Yhan waqt ghadi ki suiyaa nhi apno ka raviyaa batata hai💯
ये कलयुग है जनाब
यहां वक्त घड़ी की सुइयां नही अपनो का रवैया बताता है 💯
Ye kalyug hai jnaab
Yhan waqt ghadi ki suiyaa nhi apno ka raviyaa batata hai💯
ये कलयुग है जनाब
यहां वक्त घड़ी की सुइयां नही अपनो का रवैया बताता है 💯
Maine khel hamesha khud ke dam par khele hai
isliye tere jaise aaj mere chele hai
मैने खेल हमेशा खुद के दम पर खेले है
इसीलिए तेरे जैसे आज मेरे चेले है..
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
उठता है तूफान सीने में जब
जहन में सवाल इक आता है
जब जाना ही है दूर तो
क्यों करीब कोई आता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
जिसे देखना भी नही मुनासिब
आंखे बंद कर करीब उसी को पता है
ढूंढ ले खामियां उसकी हजार पर
दिल तो आज भी बेहतर उसी को बताता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
सपने देखता है नई दुनिया बसाने के तू
नींद तेरी आज भी वही चुराता है
बेख्याल होने का करले तमसील भले
मिलने का ख्याल तो आज भी सताता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….