Ye kalyug hai jnaab
Yhan waqt ghadi ki suiyaa nhi apno ka raviyaa batata hai💯
ये कलयुग है जनाब
यहां वक्त घड़ी की सुइयां नही अपनो का रवैया बताता है 💯
Enjoy Every Movement of life!
Ye kalyug hai jnaab
Yhan waqt ghadi ki suiyaa nhi apno ka raviyaa batata hai💯
ये कलयुग है जनाब
यहां वक्त घड़ी की सुइयां नही अपनो का रवैया बताता है 💯
अब कोई भी शायरी तुझे तड़पाती होगी !
सच बता मेरी याद तो आती होगी ?
मौसम की हर बहारों से मांगा था !
मैंने तुझको टूटते तारों से मांगा था |
जुदा होके तू शायद ही जी पाती होगी !
सच बता मेरी याद तो आती होगी ?
ख़ैर अब मैं भी तुझे भूल रहा हूं !
गलतियां सारी कबूल रहा हूं |
मेरी तस्वीरें तुझे बड़ा सताती होगी !
सच बता मेरी याद तो आती होगी ?
