वक़्त नूर को बेनूर कर देता है,
छोटे से जख्म को नासूर कर देता है,
कौन चाहता है अपनों से दूर रहना,
पर वक़्त सबको मजबूर कर देता है।💔💯
वक़्त नूर को बेनूर कर देता है,
छोटे से जख्म को नासूर कर देता है,
कौन चाहता है अपनों से दूर रहना,
पर वक़्त सबको मजबूर कर देता है।💔💯
उलझनें है बहुत
सुलझा लिया करता हूँ
फोटो खिंचवाते वक्त मैं अक्सर
मुस्कुरा दिया करता हूँ…!
क्यों नुमाइश करू मैं अपने
माथे पर शिकन की
मैं अक्सर मुस्कुरा के
इन्हें मिटा दिया करता हूँ
क्योंकि
जब लड़ना है खुद को खुद ही से……!
तो हार और जीत में कोई फर्क नहीं रखता हूं….!
हारूं या जीतूं कोई रंज नहीं
कभी खुद को जिता देता हूँ
कभी खुद ही जीत जाया करता हूं
इसलिए भी मुस्कुरा दिया करता हूँ..
😇✍️
Asi ajj vi aam
Bas tere khaas nalo chnge aa🙂
ਅਸੀ ਅੱਜ ਵੀ ਆਮ
ਬਸ ਤੇਰੇ ਖਾਸ ਨਾਲੋ ਚੰਗੇ ਆ🙂