वक़्त होकर भी मुझे वक़्त ना देना, तेरी आदत सी हो गई है.. मगर तेरे वक़्त का इंतज़ार करना, मेरी इबादत सी हो गई है.. सेहमे हुए होठों से ये पूछने को दिल तो करता है.... क्या तेरे प्यार की इस जंग में मेरी, शहादत सी हो गई है..
वक़्त होकर भी मुझे वक़्त ना देना, तेरी आदत सी हो गई है.. मगर तेरे वक़्त का इंतज़ार करना, मेरी इबादत सी हो गई है.. सेहमे हुए होठों से ये पूछने को दिल तो करता है.... क्या तेरे प्यार की इस जंग में मेरी, शहादत सी हो गई है..
Khud nu kar buland inna
ke har takdeer ton pehlan
khuda v puchhe tainu
ke teri takdeer hai ki bandeya
ਖੁਦ ਨੂੰ ਕਰ ਬੁਲੰਦ ਇੰਨਾ
ਕਿ ਹਰ ਤਕਦੀਰ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ
ਖੁਦਾ ਵੀ ਪੁੱਛੇ ਤੈਨੂੰ
ਕਿ ਤੇਰੀ ਮਰਜ਼ੀ ਹੈ ਕੀ ਬੰਦਿਆ
कुछ हलचल सी है सीने में
सुकून कुछ खोया – सा है
जाने कैसी है ये अनुभूति
दिल कुछ रोया – सा है
कुछ आहट सी आयी है
और दिल कुछ धड़का – सा है।
हाथ – पाँव में हो रही कंपन-सी
बेचैनी ये जानी पहचानी – सी है
सांसे भी है कुछ थमी – सी
कितने वक्त गुज़र गये इन्तजार में
मेरी आहें भी हैं कुछ जमी – सी।
पलकें अब मूँदने लगी हैं
साँसें अब क्षीण पड़ रही हैं
अब तो आ जाओ इन लम्हों में
जाने कब लौटोगे?
आने का वादा था और ना भी था तो,
तुम्हारा इन्तज़ार तो था..
सारी हदें तोड़ कर आ जाओ
दुनिया की रस्मों को छोड़ कर आ जाओ
चंद लम्हों के लिए ही,
अब तो आ जाओ
मेरे लिए.. सिर्फ मेरे लिए |