

मुकर्रर वही सवाल।
क्या अहमियत रखता हूँ आपकी ज़िंदगी में ?
सुनो।
सोने से पहले और जागने के बाद , मेरा पहला ख़याल हो तुम,
बग़ैर देखे भी तुम्हें पाने की चाह बढ़ते जाना, मेरा ऐसा पहला प्यार हो तुम।
जिसका जवाब देते वक्त पलकें झुक जाए , वो सवाल हो तुम।
और जिसका सिर्फ़ नाम सुनकर ही होंठों पर मुस्कान चा जाए , सच पूछो तो पहले ऐसे इंसान हो तुम।
तो आज के बाद मत पूछना की मेरे लिए कितने ख़ास हो तुम।❤️
Kuchh apna andaaz hai kuchh mausam rangeen hai
tareef karu yaa chup rahu jurm dono hi sangeen hai
कुछ अपना अंदाज हैं कुछ मौसम रंगीन हैं,
तारीफ करूँ या चुप रहूँ जुर्म दोनो ही संगीन हैं ?