
it is easy but
when it done with you, with a blink
become opposite
Enjoy Every Movement of life!

उनकी पनाह में गए
संभले और टूटे
हम खुद लड़खड़ाते रहे
सहारा दे देकर टूटे
अजीब रिवायत है मोहब्बत
की यारो ये हमे समझ ना आई
शीशे सा दिल मेरा एक
शीशे से हम टूटे
मोहब्बत भी हमने की और
हमारा वजूद भी टूटे
हमे तो टूटना है ही था हम कहा
जुड़ने के लिए टूटे
उनके बारे में सोचूं, तो सोच में सुबह से शाम करदूँ..
मेरी दोस्ती कुबूल है उन्हें, क्या ये ज़िक्र शरेआम करदूँ..
अभी कहदूँ या रुकुं थोडा, जो मेरे दिल में बातें हैं..?
मेरा बस चले तो अपनी मुस्कान का कुछ हिस्सा, मैं उनके नाम करदूँ..