वो शमा की महफ़िल ही क्या,
जिसमे दिल खाक ना हो,
मज़ा तो तब है चाहत का,
जब दिल तो जले, पर राख ना हो
Enjoy Every Movement of life!
वो शमा की महफ़िल ही क्या,
जिसमे दिल खाक ना हो,
मज़ा तो तब है चाहत का,
जब दिल तो जले, पर राख ना हो

Ek waqt tha ki tujhe pane ki zidd thi
Ek waqt tha ki tujhe pane ki zidd thi
Aur ab ye ek waqt hai ki tujhe dekhne ki bhi hasrat ni rahi💔