वो शमा की महफ़िल ही क्या,
जिसमे दिल खाक ना हो,
मज़ा तो तब है चाहत का,
जब दिल तो जले, पर राख ना हो
Enjoy Every Movement of life!
वो शमा की महफ़िल ही क्या,
जिसमे दिल खाक ना हो,
मज़ा तो तब है चाहत का,
जब दिल तो जले, पर राख ना हो
बड़ी खुशनसीब हूं,
आप हमें मिलें,
हो गई हर तमन्ना पूरी,
जबसे आप हमारी जिंदगी में दखल हुए।
बात अगर मैं करू तो इतराता बहुत है ,
प्यार तो वो भी करता है मगर शर्माता बहुत है ,
शांत रहता है जो मेरे सामने ,
लोग कहते हैं कि उसे गुस्सा आता बहुत है ,
भूल जाता है जो सब कुछ आते ही मेरे सामने,
क्लास में जो पहले नंबर पर आता बहुत है,
उसकी हंसी से बचे तो उसकी आंखों में डूब गए ,
गुरुर था कि हमें तैरना आता बहुत है!💯🥀