
Ajh hanju digdiyaan teri oh har baat yaad aayi ae
ni mainu teri yaad aayi ae
kali raat di chupi vich
teri yaad aayi ae

Ajh hanju digdiyaan teri oh har baat yaad aayi ae
ni mainu teri yaad aayi ae
kali raat di chupi vich
teri yaad aayi ae
“थोड़ा थक सा जाता हूं अब मै…
इसलिए, दूर निकलना छोड़ दिया है,
पर ऐसा भी नही हैं कि अब…
मैंने चलना ही छोड़ दिया है।
फासलें अक्सर रिश्तों में…
अजीब सी दूरियां बढ़ा देते हैं,
पर ऐसा भी नही हैं कि अब मैंने..
अपनों से मिलना ही छोड़ दिया है।
हाँ जरा सा अकेला महसूस करता हूँ…
खुद को अपनों की ही भीड़ में,
पर ऐसा भी नहीं है कि अब मैंने…
अपनापन ही छोड़ दिया है।
याद तो करता हूँ मैं सभी को… और परवाह भी करता हूँ सब की, पर कितनी करता हूँ… बस, बताना छोड़ दिया है।।”
Darr rehnda e mann ch
Tethon door jaan da
Tere door hon da.!!
ਡਰ ਰਹਿੰਦਾ ਏ ਮਨ ‘ਚ
ਤੈਥੋਂ ਦੂਰ ਜਾਣ ਦਾ
ਤੇਰੇ ਦੂਰ ਹੋਣ ਦਾ..!!