बीत गया जो सुनहरा वक्त,
बंद आंखों में ठहरा नज़र आता है…
जिस भी पत्थर पर सर झुकाया ,
बस तेरा चेहरा नज़र आता है…
वो गालों पर हाथ रखना तेरा,
आंखों में आंखें डाल देखना तेरा,
चुभने लगी है वो यादें तेरी,
हर इक लम्हे में अब पहरा नज़र आता है…💔
बीत गया जो सुनहरा वक्त,
बंद आंखों में ठहरा नज़र आता है…
जिस भी पत्थर पर सर झुकाया ,
बस तेरा चेहरा नज़र आता है…
वो गालों पर हाथ रखना तेरा,
आंखों में आंखें डाल देखना तेरा,
चुभने लगी है वो यादें तेरी,
हर इक लम्हे में अब पहरा नज़र आता है…💔
Ohh aaj kal kuj vakhra jiha rutba rakhde ne saade naal,
Pehlan jehde kade saara-saara din gal kar ke nhi c thak de,
Hun vakh hon lain busy hon de bahne rakhde ne saade naal…
ਰੋਹਿਤ…✍🏻
Jiwe paniyan ch lehran da ikk mikk ho jana
Injh lagda e sajjna menu tera mera sath..!!
ਜਿਵੇਂ ਪਾਣੀਆਂ ‘ਚ ਲਹਿਰਾਂ ਦਾ ਇੱਕ ਮਿੱਕ ਹੋ ਜਾਣਾ
ਇੰਝ ਲੱਗਦਾ ਏ ਸੱਜਣਾ ਮੈਨੂੰ ਤੇਰਾ ਮੇਰਾ ਸਾਥ..!!