बीत गया जो सुनहरा वक्त,
बंद आंखों में ठहरा नज़र आता है…
जिस भी पत्थर पर सर झुकाया ,
बस तेरा चेहरा नज़र आता है…
वो गालों पर हाथ रखना तेरा,
आंखों में आंखें डाल देखना तेरा,
चुभने लगी है वो यादें तेरी,
हर इक लम्हे में अब पहरा नज़र आता है…💔
बीत गया जो सुनहरा वक्त,
बंद आंखों में ठहरा नज़र आता है…
जिस भी पत्थर पर सर झुकाया ,
बस तेरा चेहरा नज़र आता है…
वो गालों पर हाथ रखना तेरा,
आंखों में आंखें डाल देखना तेरा,
चुभने लगी है वो यादें तेरी,
हर इक लम्हे में अब पहरा नज़र आता है…💔
तेरी आंखों में छिपे ख्वाब पूरे करने हैं,
तेरे दिल के जज़्बात पूरे करने हैं,
तेरे होठों की हसीं को यूं ही बरकरार रखना है,
तेरी ख्वाइशों को पलकों पर सजना है,
होने नहीं देनी आंखे तेरी नम,
तेरे कदमों को फलक तक ले जाना है ,
अभी तो तुझे बहुत चाहना है।।
