बीत गया जो सुनहरा वक्त,
बंद आंखों में ठहरा नज़र आता है…
जिस भी पत्थर पर सर झुकाया ,
बस तेरा चेहरा नज़र आता है…
वो गालों पर हाथ रखना तेरा,
आंखों में आंखें डाल देखना तेरा,
चुभने लगी है वो यादें तेरी,
हर इक लम्हे में अब पहरा नज़र आता है…💔
बीत गया जो सुनहरा वक्त,
बंद आंखों में ठहरा नज़र आता है…
जिस भी पत्थर पर सर झुकाया ,
बस तेरा चेहरा नज़र आता है…
वो गालों पर हाथ रखना तेरा,
आंखों में आंखें डाल देखना तेरा,
चुभने लगी है वो यादें तेरी,
हर इक लम्हे में अब पहरा नज़र आता है…💔
हर कदम हर पल हम आपके साथ है,
भले ही आपसे दूर सही, लेकिन आपके पास हैं,
जिंदगी में हम कभी आपके हो या न हों,
लेकिन हमे आपकी कमी का हर पल एहसास हैं।
एक रात जब दरवाजे पर दस्तक हुई, तो लगा कोई आया होगा..
आख़िर देर रात ये है कौन। कहीं कोई बुरी खबर तो ना लाया होगा..?
बिस्तर से उठा घबराहट के साथ, रात ताला भी तो लगाया होगा..
चाबी ना जाने कहां रख दी मैंने, ऐसा होगा, रात दिमाग में ना आया होगा..
चाबी लेकर दौड़ा दरवाजे की ओर, दरवाजा तो खोलू, शायद कोई घबराया होगा..
दरवाज़ा खोला कोई नहीं था, ये कोई मज़ाक का वक़्त है, जो दरवाज़ा खटखटाया
होगा..
ना जाने कौन था ये, जो इतनी रात गऐ मेरे दर पे आया होगा..?
पूरी रात निकल गई सोचने में, ये मेरा वहम था, या सच में कोई आया होगा..