बीत गया जो सुनहरा वक्त,
बंद आंखों में ठहरा नज़र आता है…
जिस भी पत्थर पर सर झुकाया ,
बस तेरा चेहरा नज़र आता है…
वो गालों पर हाथ रखना तेरा,
आंखों में आंखें डाल देखना तेरा,
चुभने लगी है वो यादें तेरी,
हर इक लम्हे में अब पहरा नज़र आता है…💔
बीत गया जो सुनहरा वक्त,
बंद आंखों में ठहरा नज़र आता है…
जिस भी पत्थर पर सर झुकाया ,
बस तेरा चेहरा नज़र आता है…
वो गालों पर हाथ रखना तेरा,
आंखों में आंखें डाल देखना तेरा,
चुभने लगी है वो यादें तेरी,
हर इक लम्हे में अब पहरा नज़र आता है…💔

Na pharol sade dil diyaan kitaaban tu
je parrna chave tan ek akhar na padh pawegi tu
je sarna chave tan ek varka na saadh pawegi tu
Tu rulawe ta vi changa e
Mnawe ta vi changa e
Tu naraz ho narazgi jataa
Chahe kuj vi kar
Mein khush haan teri mohobbat ch..!!
ਤੂੰ ਰੁਲਾਵੇਂ ਤਾਂ ਵੀ ਚੰਗਾ ਏ
ਤੂੰ ਮਨਾਵੇਂ ਤਾਂ ਵੀ ਚੰਗਾ ਏ
ਤੂੰ ਨਰਾਜ਼ ਹੋ ਨਰਾਜ਼ਗੀ ਜਤਾ
ਚਾਹੇ ਕੁੁਝ ਵੀ ਕਰ
ਮੈਂ ਖੁਸ਼ ਹਾਂ ਤੇਰੀ ਮੋਹੁੱਬਤ ‘ਚ..!!