बीत गया जो सुनहरा वक्त,
बंद आंखों में ठहरा नज़र आता है…
जिस भी पत्थर पर सर झुकाया ,
बस तेरा चेहरा नज़र आता है…
वो गालों पर हाथ रखना तेरा,
आंखों में आंखें डाल देखना तेरा,
चुभने लगी है वो यादें तेरी,
हर इक लम्हे में अब पहरा नज़र आता है…💔
बीत गया जो सुनहरा वक्त,
बंद आंखों में ठहरा नज़र आता है…
जिस भी पत्थर पर सर झुकाया ,
बस तेरा चेहरा नज़र आता है…
वो गालों पर हाथ रखना तेरा,
आंखों में आंखें डाल देखना तेरा,
चुभने लगी है वो यादें तेरी,
हर इक लम्हे में अब पहरा नज़र आता है…💔
Mukki reejh tamanna koi rakhne di
Khuab udde asmani mere dhool ban ke..!!
Baki reha na kuj mere andar hun bas
Teri yaad seene khubh gayi e sool ban ke..!!
ਮੁੱਕੀ ਰੀਝ ਤਮੰਨਾ ਕੋਈ ਰੱਖਣੇ ਦੀ
ਖ਼ੁਆਬ ਉੱਡੇ ਅਸਮਾਨੀਂ ਮੇਰੇ ਧੂਲ ਬਣ ਕੇ..!!
ਬਾਕੀ ਰਿਹਾ ਨਾ ਕੁਝ ਮੇਰੇ ਅੰਦਰ ਹੁਣ ਬਸ
ਤੇਰੀ ਯਾਦ ਸੀਨੇ ਖੁੱਭ ਗਈ ਏ ਸੂਲ ਬਣ ਕੇ..!!
Hamari zindagi me wo apni marzi se aaye the
Aur gaye bhi hai apni marzi se
is daur me hamne toh bas ek matr khilaune
ka kirdaar nibhayia tha, kyuki marzi to
kewal khilauno par hi ki jaati hai
हमारी जिंदगी में वो अपनी मरज़ी से आए थे
और गए भी हैं अपनी मरज़ी से,
इस दौर में हमने तो बस एक मात्र खिलौने
का किरदार निभाया था, क्योंकि मरज़ी तो
केवल खिलौनो पर ही की जाती है