यादो का सिलसिला यूं चलता रहा रात भर।
आँखे मेरी बरसती रही, और तुम याद आते गए।।
Enjoy Every Movement of life!
यादो का सिलसिला यूं चलता रहा रात भर।
आँखे मेरी बरसती रही, और तुम याद आते गए।।
मंजिल तो मिल ही जाएगी भटकते ही सही
गुमराह तो वो है जो घर से निकले ही नहीं
Never forget how they gave you the distances, when you needed the love most💔