यादो का सिलसिला यूं चलता रहा रात भर।
आँखे मेरी बरसती रही, और तुम याद आते गए।।
Enjoy Every Movement of life!
यादो का सिलसिला यूं चलता रहा रात भर।
आँखे मेरी बरसती रही, और तुम याद आते गए।।
ना कोई गुनाह किया , ना कोई मुकदमा हुआ..!
ना अदालत सजाई गई, ना कोई दलिले हुई..!
किस किस से मांगे हम गवाही वफ़ा कि !
उसने छोड़ा भरे बाज़ार हमे, ये ज़माना जानता है!
Gusse vich koi faisla na karo te
Khushi vich koi vaada na karo ✌️
ਗੁੱਸੇ ਵਿੱਚ ਕੋਈ ਫੈਸਲਾ ਨਾ ਕਰੋ ਤੇ
ਖੁਸ਼ੀ ਵਿੱਚ ਕੋਈ ਵਾਅਦਾ ਨਾ ਕਰੋ ✌️