यादो का सिलसिला यूं चलता रहा रात भर।
आँखे मेरी बरसती रही, और तुम याद आते गए।।
Enjoy Every Movement of life!
यादो का सिलसिला यूं चलता रहा रात भर।
आँखे मेरी बरसती रही, और तुम याद आते गए।।

soch samajh k aakhin, je kujh kehna e
mudh vapis ni aunde teer kamaanaan de
dukh ‘gagan’ kise da koi vandhda nai
dil kyu pathar ho gye ne insaana de
मजबूरी में जब कोई जुदा होता है,
ज़रूरी नहीं कि वो बेवफा होता है,
देकर वो आपकी आँखों में आंसू,
अकेले में आपसे भी ज़्यादा रोता है