यादो का सिलसिला यूं चलता रहा रात भर।
आँखे मेरी बरसती रही, और तुम याद आते गए।।
यादो का सिलसिला यूं चलता रहा रात भर।
आँखे मेरी बरसती रही, और तुम याद आते गए।।
तू क्यूं उसे इस क़दर तांक रहा है,
हां वही फकीर, जो वहां नाच रहा है…
मुस्कुरा रहा है तू उसकी फटी कमीज़ देखकर,
देख, वो भी हंस रहा है तेरी तमीज़ देखकर…
सोच मत, के उसकी किस्मत तुझसे हारी है,
उसकी खाली जेब तेरे पैसों से ज्यादा भारी है…
वो तो हर घर दुआएं बांटता है,
जैसे हर दर खुदाए बांटता है…
मखमल का बिछौना तुझे रास नहीं आता,
देख, वो घास में सोने से बाज़ नहीं आता…
छुपाता है तू असलियत झूठी मुस्कान के पीछे,
कितना सुकून है उसकी हर मुस्कान के पीछे…
Ho Talluk to rooh se hi ho,
Dil to aksar bhar hi jata hai 💯
हो ताल्लुक तो रूह से ही हो,
दिल तो अक्सर भर ही जाता है।।💯