Lafzan nu dakk lawa bullan utte🙊
Chup rahan te bas fer kujh na bola🤐..!!
Jinna akhiyan ch sajjna rehnda e tu😍
Dil kare mein kade oh akhiyan na khola🙈..!!
ਲਫ਼ਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਡੱਕ ਲਵਾਂ ਬੁੱਲ੍ਹਾਂ ਉੱਤੇ🙊
ਚੁੱਪ ਰਹਾਂ ਤੇ ਬਸ ਫਿਰ ਕੁਝ ਨਾ ਬੋਲਾਂ🤐..!!
ਜਿੰਨ੍ਹਾਂ ਅੱਖੀਆਂ ‘ਚ ਸੱਜਣਾ ਰਹਿੰਦਾ ਏ ਤੂੰ😍
ਦਿਲ ਕਰੇ ਮੈਂ ਕਦੇ ਉਹ ਅੱਖੀਆਂ ਨਾ ਖੋਲ੍ਹਾਂ🙈..!!
उठे थे हाथ जिनके,
उन्ही दुआओं का असर हूं,
चिराग़ सी हैं नज़रें मेरी
जैसे सुबह की पहली पहर हूं
धूल से ही तो नाता है मेरा
वहीं ठंडी हवाओं में बसर हूं
कलम से शायर कह दो
होंठों से कहर हूं,
ठहरा है दरिया जो किनारे में
वहीं बहता छोटा सा शहर हूं,
मानों तो प्यास मिले
ना मानों तो ज़हर हूं...