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Yaar me buraaiyaa nahi dekhte || hindi shayari

यार में बुराइयां नहीं देखते

प्यार में लड़ाईया नहीं देखते

आंखे चेहरा और बाल बस 

हम ओरे की तरह तुम्हे नहीं देखते

Title: Yaar me buraaiyaa nahi dekhte || hindi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


माँ को बेटी की पुकार कविता ||Hindi poetry

पहली धड़कन भी मेरी धडकी थी तेरे भीतर ही,
जमी को तेरी छोड़ कर बता फिर मैं जाऊं कहां.

आंखें खुली जब पहली दफा तेरा चेहरा ही दिखा,
जिंदगी का हर लम्हा जीना तुझसे ही सीखा.

खामोशी मेरी जुबान को  सुर भी तूने ही दिया,
स्वेत पड़ी मेरी अभिलाषाओं को रंगों से तुमने  भर दिया.

अपना निवाला छोड़कर मेरी खातिर तुमने भंडार भरे,
मैं भले नाकामयाब रही फिर भी मेरे होने का तुमने अहंकार भरा.

वह रात  छिपकर जब तू अकेले में रोया करती थी,
दर्द होता था मुझे भी, सिसकियां मैंने भी सुनी थी.

ना समझ थी मैं इतनी खुद का भी मुझे इतना ध्यान नहीं था,
तू ही बस वो एक थी, जिसको मेरी भूख प्यार का पता था.

पहले जब मैं बेतहाशा धूल मैं खेला करती थी,
तेरी चूड़ियों तेरे पायल की आवाज से डर लगता था.

लगता था तू आएगी बहुत  डाटेंगी और कान पकड़कर मुझे ले जाएगी,
माँ आज भी मुझे किसी दिन धूल धूल सा लगता है.

चूड़ियों के बीच तेरी गुस्से भरी आवाज सुनने का मन करता है,
मन करता है तू आ जाए बहुत डांटे और कान पकड़कर मुझे ले जाए.

जाना चाहती हूं  उस बचपन में फिर से जहां तेरी गोद में सोया करती थी,
जब काम में हो कोई मेरे मन का तुम बात-बात पर रोया करती थी.

जब तेरे बिना लोरियों  कहानियों यह पलके सोया नहीं करती थी,
माथे पर बिना तेरे स्पर्श के ये आंखें जगा नहीं करती थी.

अब और नहीं घिसने देना चाहती तेरे ही मुलायम हाथों को,
चाहती हूं पूरा करना तेरे सपनों में देखी हर बातों को.

खुश होगी माँ एक दिन तू भी,
जब लोग मुझे तेरी बेटी कहेंगे.

Title: माँ को बेटी की पुकार कविता ||Hindi poetry


Gal nal laonda ta shii || sad shayari

shayed me mann jandi
tu ik vaar manaunda taa sahi
shayed gussa v thanda h janda
ik vaar aa ke gal naal launda taa sahi

ਸ਼ਾਇਦ ਮੈਂ ਮੰਨ ਜਾਂਦੀ,
ਤੂੰ ਇਕ ਵਾਰ ਮਨਾਉਂਦਾ ਤਾਂ ਸਹੀਂ..
ਸ਼ਾਇਦ ਗੁੱਸਾ ਵੀ ਠੰਡਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ,
ਇਕ ਵਾਰ ਆ ਕੇ ਗਲ ਨਾਲ ਲਾਉਂਦਾ ਤਾ ਸਹੀਂ…

Title: Gal nal laonda ta shii || sad shayari