You can influence, direct and control your own environment. You can make your life what you want it to be
Napoleon Hill
You can influence, direct and control your own environment. You can make your life what you want it to be
Napoleon Hill
न हम साथ चल प् रहे हैं
न ही हम दूर हो प् रहे हैं
और न ही खवाबो को छोड़ प् रहे हैं
न ही हकीकत में बदल पा रहे है
सबकुछ होते हुए भी
हमारे बीच खाली सा लगता है
न जाने क्यों ये रिस्ता हमारा
बिखड़ा सा लगता है
दोनों एकदूसरे के एकदम अपोजिट हैं
कुछ भी सिमिलर नहीं है तुम्हारे बीच
हम चाहते कुछ और हैं होता कुछ र है
न जाने ये ज़िंदगी कहा ले जा रही है हमे
मैं तुमसे बहुत कुछ कहना चाहती हु
पर कह नहीं प् रही हु
अकबर बादशाह को मजाक करने की आदत थी। एक दिन उन्होंने नगर के सेठों से कहा-
“आज से तुम लोगों को पहरेदारी करनी पड़ेगी।”
सुनकर सेठ घबरा गए और बीरबल के पास पहुँचकर अपनी फरियाद रखी।
बीरबल ने उन्हें हिम्मत बँधायी,
“तुम सब अपनी पगड़ियों को पैर में और पायजामों को सिर पर लपेटकर रात्रि के समय में नगर में चिल्ला-चिल्लाकर कहते फिरो, अब तो आन पड़ी है।”
उधर बादशाह भी भेष बदलकर नगर में गश्त लगाने निकले। सेठों का यह निराला स्वांग देखकर बादशाह पहले तो हँसे, फिर बोले-“यह सब क्या है ?”
सेठों के मुखिया ने कहा-
“जहाँपनाह, हम सेठ जन्म से गुड़ और तेल बेचने का काम सीखकर आए हैं, भला पहरेदीर क्या कर पाएँगे, अगर इतना ही जानते होते तो लोग हमें बनिया कहकर क्यों पुकारते?”
बादशाह अकबर बीरबल की चाल समझ गए और अपना हुक्म वापस ले लिया।