Excuse me.
I found something under my shoes oh….
its your Attitude!!
Enjoy Every Movement of life!
Excuse me.
I found something under my shoes oh….
its your Attitude!!
गर रही हो जिंदगी बेरंग सी, अंदाज बदल दीजिये.|
हर बार लहजे को नही कभी, अल्फाज बदल दीजिये|
चाहते हो यदि जायका जिंदगी का करो
म्शक्कत इतनी सिद्दत से, की हालत बदल दीजिये |
उल्टे सीधे सपने पाले बैठे हैं
सब पानी में काँटा डाले बैठे हैं
इक बीमार वसीयत करने वाला है
रिश्ते नाते जीभ निकाल बैठे हैं
बस्ती का मामूल पे आना मुश्किल है
चौराहे पर वर्दी वाले बैठे हैं
धागे पर लटकी है इज़्ज़त लोगों की
सब अपनी दस्तार सँभाले बैठे हैं
साहब-ज़ादा पिछली रात से ग़ायब है
घर के अंदर रिश्ते वाले बैठे हैं
आज शिकारी की झोली भर जाएगी
आज परिंदे गर्दन डाले बैठे हैं