Zindagi do shabadaa vich es tarah arajh hai
adhi k karaz hai, adhi k faraz hai
ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦੋ ਸ਼ਬਦਾਂ ਵਿੱਚ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਅਰਜ਼ ਹੈ
ਅੱਧੀ ਕ ਕਰਜ਼ ਹੈ, ਅੱਧੀ ਕ ਫਰਜ਼ ਹ
Zindagi do shabadaa vich es tarah arajh hai
adhi k karaz hai, adhi k faraz hai
ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦੋ ਸ਼ਬਦਾਂ ਵਿੱਚ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਅਰਜ਼ ਹੈ
ਅੱਧੀ ਕ ਕਰਜ਼ ਹੈ, ਅੱਧੀ ਕ ਫਰਜ਼ ਹ
स्त्री हूं मैं मेरा कहां सम्मान होता है
मेरे कपड़ों से मेरा चरित्र भाप लिया जाता है।
अगर जींस या वेस्टर्न ड्रेस पहन लूं मैं
तो मैं बिगड़ी हुई मान ली जाती हूं।
अगर मैं साड़ी भी पहनूं तो भी
उसमे भी खोट नजर आती है।
मेरी साड़ी में भी कमिया ही नजर आती है।
यहां तो एक औरत भी औरत का सम्मान नही करती
एक औरत को दूसरी औरत में भी खोट नजर आती है।
मेरे कपड़ों में कोई कमी नहीं कमी तुम्हारी नज़र में है
मैं कुछ भी पहन लूं तुम्हे कमी नजर आनी ही है।
K ajj dil nu thoda saaf kita hai
Kayian nu bhulata te kayian nu maaf kita hai