गुज़र रहे हैं जिंदगी के पल कभी खुशी में तो कभी ग़मी में ।
होती हैं खुशियां कभी सातवें आसमा पर ओर कभी ज़मी पे।
Guzr rahe hain zindagi ke pall kabhi khushi me to kabhi gami me…..
hoti hain Khushyan kabhi saatwe aasma pr or kabhi zamee pe….
गुज़र रहे हैं जिंदगी के पल कभी खुशी में तो कभी ग़मी में ।
होती हैं खुशियां कभी सातवें आसमा पर ओर कभी ज़मी पे।
Guzr rahe hain zindagi ke pall kabhi khushi me to kabhi gami me…..
hoti hain Khushyan kabhi saatwe aasma pr or kabhi zamee pe….
सुना है लोग तुझे आँखें भरकर देखते हैं , है मन में क्या उनके ये तो सवाल कर ।
माना लोगों की फितरत अब अच्छी नहीं , अपनी इज्जत का तू तो ज़रा ख्याल कर ।।
बादस्तूर चलती रही नाराजगी जिंदगी में , वक्त बेवक्त काफिर सा न मेरा हाल कर ।
मेरी आदतों में शूमार है तेरी मोहब्बत का सबब , खुदा का शुक्र मना बेवजह न मलाल कर ।।
बागी मिजाज़ रहा दिल का चाहतों के गुबार में , जिससे कभी मोहब्बत थी उससे अब नफरत भी बेमिसाल कर ।
क्या हुआ जो दुआ भी कुबूल न हुई , हासिल कर अपने दर्द को कुछ तो अब बवाल कर ।।
Je hunda mere vas ch
tere te me eh jag lutta denda
aur jo kavi karde ne apne yaar di tareefa
kalma ruk jandi kalma waleyaa di je me ehna nu tere baare suna dinda
ਜੇ ਹੁੰਦਾ ਮੇਰੇ ਵੱਸ ਚ
ਤੇਰੇ ਤੇ ਮੈਂ ਐਹ ਜਗ ਲੁਟਾ ਦੇਂਦਾ
ਔਰ ਜੋ ਕਵੀ ਕਰਦੇ ਨੇ ਆਪਣੇ ਯਾਰ ਦੀ ਤਾਰੀਫਾਂ
ਕਲਮਾਂ ਰੁਕ ਜਾਂਦੀ ਕਲਮਾਂ ਵਾਲਿਆਂ ਦੀ ਜੇ ਮੈਂ ਏਹਨਾਂ ਨੂੰ ਤੇਰੇ ਵਾਰੇ ਸੁਣਾਂ ਦੇਂਦਾ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷