

सेंटीमेंट आग से भी भयंकर।
आग जलाता है बाहर से, लेकिन वो रुलाता है अंदर।
…………………………………………………………………
जिनको जल जाना होता है, उनको कौन रोकेगा।
ये आग नहीं, प्यार का अल्फा ओमेगा।
…………………………………………………………………..
जिंदगी नाव है, समय माझी।
बहता हु में, लहर की आवाज़ सुनोजी।
……………………………………………………………………
लोग कहते है प्यार के साथ कविता जुड़े है।
प्यार जिंदगी का दूसरा नाम और जिंदगी कविता की रूप है।
………………………………………………………………………..
बहुत लोगों का प्यार टूट जाता है।
जीवन के साथ प्यार होता है समय का, यही प्रगति है।
……………………………………………………………………….
जिंदगी के मैदान में कितने सारे हीरो खेलते है।
लेकिन सिर्फ एक विजेता इतिहास लिखते है।
……………………………………………………………………….
खुद को समझाओ, किसी को समझाना मुश्किल।
समय अदालत है, और वक्त वकील।
……………………………………………………………………………
कोरोना घातक है, लेकिन दरिद्रता नियति।
रोग में मरे बहुत, अब भूख के अगन में आत्माहुति।
……………………………………………………………………………………
रिश्ते लहर की तरह।
उठती है, गिरती है, टूटती हे धारा।
…………………………………………………………………………………….
घर में लक्ष्मी है तो सब कुछ है।
धन उनकी रूप और सम्पद उनकी रूह है।
बोहोत बोलती हुं में मगर मुझे बात करने का तरीका नहीं आता
देखती हुं आइना रोज में खुद को मगर मुझे संवारना नही आता
रोता देख किसी को रो देती हुं मैं भी मुझे रोते को हंसाने का हुनर नही आता
तन्हा भी बड़ी शान से रहती हु में मुझे काफिलों में खुद को शुमार करना नही आता
में सर्द लहजों में ही बोलती हुं तल्ख बातें मुझे तल्ख लहजों से दिलों का तोड़ना नहीं आता
ओर में जो हुं वही नजर आती हु मुझे किरदार बदल बदल कर मिलना नही आता।🙌💯