Apni zindagi de mehal de m rani c,
Tu kitha aa dera la laya ,
Zindagi meri ch tu enj aya ,
Jive koi parinda mera mehal ch aake ghr bnaa gya,
Apni zindagi de mehal de m rani c,
Tu kitha aa dera la laya ,
Zindagi meri ch tu enj aya ,
Jive koi parinda mera mehal ch aake ghr bnaa gya,
Tujhe milkar yun lga ki tujhe na milte to ascha hota
Aur bichadkar yun laga ke kuch din aur sath reh lete to ascha hota
Aur is lagne mein sari umar gwa chuke hain hum
Ab lagta hai ke tuhi na hoti to ascha hota 💔
तुझे मिलकर यू लगा की तुझे ना मिलते तो अच्छा होता
और तुझसे बिछड़कर यू लगा की कुछ दिन और साथ रह लेते तो अच्छा होता
और इस लगने में सारी उमर गवा चुके है हम
अब लगता है कि तू ही न होती तो अच्छा होता💔
👧 *बाँझपन एक कलंक क्यों ???*👧
एक औरत माँ बने तो जीवन सार्थक
अगर माँ न बने तो जीवन ही निरथर्क,
किसने कहा है ये, कहाँ लिखा है ये,
कलंकित बोल-बोल जीवन बनाते नरक।
बाँझ बोलकर हर कोई चिढ़ाते,
शगुन-अपशगुन की बात समझाते।
बंजर ज़मीं का नाम दिया है मुझे,
पीछे क्या, सामने ही मेरा मज़ाक़ उड़ाते।
ममत्व का पाठ मैं भी जानती,
हर बच्चे को अपना मानती,
कोख़ से जन्म दूँ, ज़रूरी नहीं,
लहू का रंग मैं भी पहचानती।
आँचल में मेरे है प्यार भरा,
ममता की मूरत हूँ देख ज़रा,
क़द्र जानूँ मैं बच्चों की,
नज़र से मुझे ज़माने न गिरा।
कलंक नहीं हूँ इतना ज़रा बता दूँ,
समाज को एक नया पाठ सीखा दूँ,
बच्चा न जन्म दे सकी तो क्या,
समाज पे बराबर का हक़ मैं जता दूँ।
समाज पे बराबर का हक़ मैं जता दूँ।