ईश्क की बात जो उस रात अधूरी रह गई
एक मुलाकात तेरे साथ अधूरी रह गई
बेवक्त की बारिश में भीगे थे हम
अबकी ये बरसात तेरे बाद अधूरी रह गई💔
ईश्क की बात जो उस रात अधूरी रह गई
एक मुलाकात तेरे साथ अधूरी रह गई
बेवक्त की बारिश में भीगे थे हम
अबकी ये बरसात तेरे बाद अधूरी रह गई💔
उसकी वो मासूम सी आंखें, कभी-कभी मुझे झूठी सी लगती हैं..
उसकी वो सोच कर बनाई हुई बातें, अक्सर मुझे टूटी सी लगती हैं..
कभी मेरी नाराज़गी पर मुस्कुराती है, कभी प्यार पर रूठी सी लगती है..
कभी उसकी मामूली से हरकत भी मुझे, अनूठी सी लगती है..
कभी उसकी झुकी पलकों में इश्क होता है, कभी उठी सी लगती हैं..
उसके प्यार पर शक नहीं मुझे, फिर भी ना जाने क्यूं, झूठी सी लगती है..
heart rated 💔