बहुत से मौसम बदलें शायद, हमें दिल की बात बताने में..
जो प्यार दबा कर रखा है, उस प्यार को उन्हें जताने में..
क्यूं पता नहीं, क्या वक्त लगे, दिल की बात जुबां
तक लाने में..
क्या और भी दूजा है हमसा?, बेबस, लाचार जमाने में..
बहुत से मौसम बदलें शायद, हमें दिल की बात बताने में..
जो प्यार दबा कर रखा है, उस प्यार को उन्हें जताने में..
क्यूं पता नहीं, क्या वक्त लगे, दिल की बात जुबां
तक लाने में..
क्या और भी दूजा है हमसा?, बेबस, लाचार जमाने में..
Jad yaad kita me beete samee nu
taan ik chehra akhaan sahmne aayea
chehra jo bahut hi khaas c
meri shayari de lafzaan di pyaas c
ਜਦ ਯਾਦ ਕੀਤਾ ਮੈਂ ਬੀਤੇ ਸਮੇਂ ਨੂੰ
ਤਾਂ ਇਕ ਚਹਿਰਾ ਅੱਖਾਂ ਸਾਹਮਣੇ ਆਇਆ
ਚਹਿਰਾ ਜੋ ਬਹੁਤ ਹੀ ਖਾਸ ਸੀ
ਮੇਰੀ ਸ਼ਾਇਰੀ ਦੇ ਲਫਜ਼ਾਂ ਦੀ ਪਿਆਸ ਸੀ
meree sab koshishen naakaam thee unako manaane ki,
kahaan seekheen hai zaalim ne adaen rooth jaane ki.
मेरी सब कोशिशें नाकाम थी उनको मनाने कि,
कहाँ सीखीं है ज़ालिम ने अदाएं रूठ जाने कि.