बहुत से मौसम बदलें शायद, हमें दिल की बात बताने में..
जो प्यार दबा कर रखा है, उस प्यार को उन्हें जताने में..
क्यूं पता नहीं, क्या वक्त लगे, दिल की बात जुबां
तक लाने में..
क्या और भी दूजा है हमसा?, बेबस, लाचार जमाने में..
बहुत से मौसम बदलें शायद, हमें दिल की बात बताने में..
जो प्यार दबा कर रखा है, उस प्यार को उन्हें जताने में..
क्यूं पता नहीं, क्या वक्त लगे, दिल की बात जुबां
तक लाने में..
क्या और भी दूजा है हमसा?, बेबस, लाचार जमाने में..
Bina Yaar de pyaar
vichhode ch kehraa teohaar
ਬਿਨਾਂ ਯਾਰ ਦੇ ਪਿਆਰ,
ਵਿਛੋੜੇ ਚ ਕਿਹੜੇ ਤਿਉਹਾਰ..!!
आजकल तुम्हारे बिना मुझे
कुछ भी अच्छा नहीं लगता है
जिधर भी देखु एकलौता मुझे
तुम्हारा ही चेहरा नजर आता है।
तू न दुनिया सी बन गयी हो मेरी ,
बस गुजारिस है तुमसे
की तुम दुनिया की तरह न हो जाना।
ठहरी हुयी सी मेरी
एक शाम हो गए हो तुम
बस गुजारिस है तुमसे
की तुम कहि ढल मत जाना
क्योकि तुमसे आगे मैंने
देखना अब छोड़ दिया है
तुम तक ही है मेरा अब जो भी है
बिन तुम्हारे भी चलना
मैंने अब छोड़ दिया है
तरुण चौधरी