एक बचपन का जमाना था
जहाँ खुशियों का खजाना था
चाहत चांद को पाने कि थी
पर दिल तितली का दिवाना था
ना खबर अपनी थी
ना शाम का ठिकाना था
माँ की कहानी थी
परियों का फसाना था
क्यो हो गए आज हम इतने बड़े
इससे अच्छा तो वो बचपन का जमाना था❤️
Enjoy Every Movement of life!
एक बचपन का जमाना था
जहाँ खुशियों का खजाना था
चाहत चांद को पाने कि थी
पर दिल तितली का दिवाना था
ना खबर अपनी थी
ना शाम का ठिकाना था
माँ की कहानी थी
परियों का फसाना था
क्यो हो गए आज हम इतने बड़े
इससे अच्छा तो वो बचपन का जमाना था❤️
हो विष्णु तुम धरा के,
हल सुदर्शन तुम्हारा !!
बिना शेष-शैया के ही,
होता दर्शन तुम्हारा !!
पत्थर को पूजने वाले,
क्या समझेंगे मोल तेरा !!
माँ भारती के ज्येष्ठ सुत,
तुमको नमन हमारा !!!
तरुण चौधरी
ਤੈਨੂੰ ਇਸ਼ਕ ਸਾਬਿਤ ਕਰਾਂ ਮੈਂ
ਤੇਰੇ ਪੇਰਾਂ ਅੱਗੇ ਦਿਲ ਹਾਜ਼ਿਰ ਕਰਾਂ ਮੈਂ
ਤੂੰ ਤਾਂ ਬੱਸ ਇਸ਼ਕ ਦਾ ਨਾਂ ਏਂ ਸੁਣਿਆ
ਤੇਰੇ ਨਾਂ ਤੋਂ ਜੀ ਰਿਹਾਂ ਤੇਰੇ ਨਾਂ ਤੇ ਤੂੰ ਦੱਸ ਮਰਾ ਮੈਂ
– Guru Gaba