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बचपन || bachpan || hindi poetry

एक बचपन का जमाना था
जहाँ खुशियों का खजाना था
चाहत चांद को पाने कि थी
पर दिल तितली का दिवाना था
ना खबर अपनी थी
ना शाम का ठिकाना था
माँ की कहानी थी
परियों का फसाना था
क्यो हो गए आज हम इतने बड़े
इससे अच्छा तो वो बचपन का जमाना था❤️

Title: बचपन || bachpan || hindi poetry

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Raatan || ajh v tainu udeek reha || poetry

लम्बीया राता यार दा विछोड़ा
मुंडेर ते बैठा है
एक जंगली कबूतरा दा जोड़ा
कर रहा गुटरगूं, गुटरगूं
जाने तू की कर रहा

दूर चिनारा ते विखरी है चांदनी
ते वेढा सादा महक रहा
रात दी रानी गुनगुना रही
दिल उदास मेरा तू ना आया
चित तेनु उडीक रहा

झींगुर ने छेड़ दिति तान
हव्वा वी पत्त्या नु ताल दे रही है
सीने दी धड़कन वी वड रही सरपट
गूंजी पपीहे दी पीहू-पीहू
नाल मेरे दिल दी पुकार
पर तू ना आया चित तेनु उडीक रहा

आँखा ते स्याह आसमान भरके
पूरी रात तारयां दे जोड़े बनाए
कित्ते कोई तारा टूटयां
चंद कल्ला रह गया
जीवे मैं तेरे बिन अधूरा रह रही

ऐवी गम दी रात गुजर जानी है
याद तेरी नाल सदा रह जानी है
याद वी नही हुंडी ते की करदे
हर्ष किवे होक्के भरदे
फेर वी तेनु पौन नु मन्नत मंग रही
चित रह रह के आज वी तेनु उडीक रही

Title: Raatan || ajh v tainu udeek reha || poetry


Rabb ne likhya nhi jo vich taqdeeran de…

Jo dil chahunda hove,
Oh hamesha nhi milda.
Intzaar wala buta,
Sabde Vehde Nhi khid da.
Maneya duya rang zarur liyondi aw zindgi vich,
Tahio ta dargaah dive balde ne piran de.
Par fer ohnu daso kon pa sakda aw,
Rabb ne likheya nhi jo vich taqdiran de.

….simran

Title: Rabb ne likhya nhi jo vich taqdeeran de…