एक बचपन का जमाना था
जहाँ खुशियों का खजाना था
चाहत चांद को पाने कि थी
पर दिल तितली का दिवाना था
ना खबर अपनी थी
ना शाम का ठिकाना था
माँ की कहानी थी
परियों का फसाना था
क्यो हो गए आज हम इतने बड़े
इससे अच्छा तो वो बचपन का जमाना था❤️
एक बचपन का जमाना था
जहाँ खुशियों का खजाना था
चाहत चांद को पाने कि थी
पर दिल तितली का दिवाना था
ना खबर अपनी थी
ना शाम का ठिकाना था
माँ की कहानी थी
परियों का फसाना था
क्यो हो गए आज हम इतने बड़े
इससे अच्छा तो वो बचपन का जमाना था❤️
Mohobbat unse kesi hai na puchiye janab
Vo samne bhi nahi aate fir bhi deedar ho jata hai..!!
मोहोब्बत उनसे कैसी है ना पूछिए जनाब
वो सामने भी नहीं आते फ़िर भी दीदार हो जाता है..!!
तेरी एक मुस्कुराहट से
दिल पिगल जाता है,
तेरी एक मुस्कुराहट से..
ये दिल पिगल जाता है,
जो देख लें तेरी एक झलक
तो ये पूरा दिन सवर जाता है।।