एक बचपन का जमाना था
जहाँ खुशियों का खजाना था
चाहत चांद को पाने कि थी
पर दिल तितली का दिवाना था
ना खबर अपनी थी
ना शाम का ठिकाना था
माँ की कहानी थी
परियों का फसाना था
क्यो हो गए आज हम इतने बड़े
इससे अच्छा तो वो बचपन का जमाना था❤️
एक बचपन का जमाना था
जहाँ खुशियों का खजाना था
चाहत चांद को पाने कि थी
पर दिल तितली का दिवाना था
ना खबर अपनी थी
ना शाम का ठिकाना था
माँ की कहानी थी
परियों का फसाना था
क्यो हो गए आज हम इतने बड़े
इससे अच्छा तो वो बचपन का जमाना था❤️
Jo akhiyan di tangh ch rehndi e
Nahi bhulde Surat pyari nu..!!
Je tu mil jawe sajjna ve
Mein bhulja duniya sari nu..!!
ਜੋ ਅੱਖੀਆਂ ਦੀ ਤਾਂਘ ‘ਚ ਰਹਿੰਦੀ ਏ
ਨਹੀਂ ਭੁੱਲਦੇ ਸੂਰਤ ਪਿਆਰੀ ਨੂੰ..!!
ਜੇ ਤੂੰ ਮਿਲ ਜਾਵੇਂ ਸੱਜਣਾ ਵੇ
ਮੈਂ ਭੁੱਲਜਾ ਦੁਨੀਆ ਸਾਰੀ ਨੂੰ..!!
उस रब से मेरी बस यही दुआ है !
अब अगर वो मुझे तुजसे मिलाये,
तुजे हमेशा के लिये मेरा कर जाये.।❤️