एक बचपन का जमाना था
जहाँ खुशियों का खजाना था
चाहत चांद को पाने कि थी
पर दिल तितली का दिवाना था
ना खबर अपनी थी
ना शाम का ठिकाना था
माँ की कहानी थी
परियों का फसाना था
क्यो हो गए आज हम इतने बड़े
इससे अच्छा तो वो बचपन का जमाना था❤️
एक बचपन का जमाना था
जहाँ खुशियों का खजाना था
चाहत चांद को पाने कि थी
पर दिल तितली का दिवाना था
ना खबर अपनी थी
ना शाम का ठिकाना था
माँ की कहानी थी
परियों का फसाना था
क्यो हो गए आज हम इतने बड़े
इससे अच्छा तो वो बचपन का जमाना था❤️
Tu nadi hai to alag apna, rasta rakhna
Na kisi raah ke pathar se vasta rakhna
Paas jayegi to khud usmein doob jayegi
Agar mile bhi samndar, to fasla rakhna💯
तू नदी है तो अलग अपना, रास्ता रखना
न किसी राह के, पत्थर से वास्ता रखना
पास जाएगी तो खुद, उसमें डूब जाएगी
अगर मिले भी समन्दर, तो फासला रखना💯
Before sharing Any kind of knowledge
To others,
First apply it to Yourself.
Rohit_Saini…✍🏻