एक बचपन का जमाना था
जहाँ खुशियों का खजाना था
चाहत चांद को पाने कि थी
पर दिल तितली का दिवाना था
ना खबर अपनी थी
ना शाम का ठिकाना था
माँ की कहानी थी
परियों का फसाना था
क्यो हो गए आज हम इतने बड़े
इससे अच्छा तो वो बचपन का जमाना था❤️
Enjoy Every Movement of life!
एक बचपन का जमाना था
जहाँ खुशियों का खजाना था
चाहत चांद को पाने कि थी
पर दिल तितली का दिवाना था
ना खबर अपनी थी
ना शाम का ठिकाना था
माँ की कहानी थी
परियों का फसाना था
क्यो हो गए आज हम इतने बड़े
इससे अच्छा तो वो बचपन का जमाना था❤️
LIFE KA FUNDA HAMESHA KISINE NAHI SIKHAYA,
SIKHYA TO SIRF EK RAAH DIKHAYA,
KYA PATA KAL KYA HOGA,
PAR AAJ KE DIN SE KAL KA SAVERA HOGA.
Jazbat nahi bayan hai humara
Alfaaz nahi arzoo hai humari
Chaahat ki wajah diwanagi nahi
Ehsaas ki bina ashiqi nahi
Lihaaz rakhna iss dil ka
Kyunki mohobaat ke bina woh mukamal hi nahi