एक बचपन का जमाना था
जहाँ खुशियों का खजाना था
चाहत चांद को पाने कि थी
पर दिल तितली का दिवाना था
ना खबर अपनी थी
ना शाम का ठिकाना था
माँ की कहानी थी
परियों का फसाना था
क्यो हो गए आज हम इतने बड़े
इससे अच्छा तो वो बचपन का जमाना था❤️
एक बचपन का जमाना था
जहाँ खुशियों का खजाना था
चाहत चांद को पाने कि थी
पर दिल तितली का दिवाना था
ना खबर अपनी थी
ना शाम का ठिकाना था
माँ की कहानी थी
परियों का फसाना था
क्यो हो गए आज हम इतने बड़े
इससे अच्छा तो वो बचपन का जमाना था❤️
Agar Tum Na Hote To Gajal Kaun Kahta,
Tumhare Chehare Ko Kamal Kaun Kahta,
Yeh Karishma Hai Mahobat Ka..
Warna Pathar Ko Taj Mahal Kaun Kehta! ?
अगर तुम न होते तो ग़ज़ल कौन कहता,
तुम्हारे चहरे को कमल कौन कहता
यह तो करिश्मा है मोहब्बत का..
वरना पत्थर को ताज महल कौन कहता। ?
Tere shehar ne mera sab luttiyaa
bhanwe kitaa aa tabaah
phir v chandre dil nu changa lagge tera garaah
ਤੇਰੇ ਸ਼ਹਿਰ ਨੇ ਮੇਰਾ ਸਬ ਲੁਟਿਆ
ਭਾਂਵੇ ਕੀਤਾ ਆ ਤਬਾਹ
ਫਿਰ ਵੀ ਚੰਦਰੇ ਦਿਲ ਨੂੰ ਚੰਗਾ ਲੱਗੇ ਤੇਰੇ ਗਰਾਂ