“ना दिल माना, ना रूह मानी, अब तू मेरे साथ नहीं है..
तुझे कोई मुझसे अलग करदे, किसी की औकात नहीं है..
जमाने ने झूठ बोला, चला लिया मैंने…
वादा करके भी वापस ना लौटी तू, ये तो कोई बात नहीं है…।”
“ना दिल माना, ना रूह मानी, अब तू मेरे साथ नहीं है..
तुझे कोई मुझसे अलग करदे, किसी की औकात नहीं है..
जमाने ने झूठ बोला, चला लिया मैंने…
वादा करके भी वापस ना लौटी तू, ये तो कोई बात नहीं है…।”
तुझें कुछ भी न करना हैं,
मुझको दिवाना बनाने के लिए,
तेरी ये आंखों का काजल ही काफी है,
मेरी धड़कनों को बढ़ाने के लिए….
पाया तुझें तो सपने भी सच लगने लगे,
तुम अज़नबी से आज मेंरे अपने लगने लगे,
होता नहीं यकीन अपने खुद के किस्मत पर,
तुम मेरी धड़कन में कुछ इस तरह बसने लगे..
Na maro pani vich pathar us pani nu vi koi pinda howega..
Apni zindagi nu hass ke guzaro yaaro, tuhanu vekh ke vi koi jionda howega..
ਨਾ ਮਾਰੋ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਪੱਥਰ ਉਸ ਪਾਣੀ ਨੂੰ ਵੀ ਕੋਈ ਪੀਂਦਾ ਹੋਵੇਗਾ..
ਆਪਣੀ ਜਿੰਦਗੀ ਨੂੰ ਹੱਸ ਕਿ ਗੁਜਾਰੋ ਯਾਰੋ ,ਤੁਹਾਨੂੰ ਵੇਖ ਕੇ ਵੀ ਕੋਈ ਜਿਉਂਦਾ ਹੋਵੇਗਾ..