“ना दिल माना, ना रूह मानी, अब तू मेरे साथ नहीं है..
तुझे कोई मुझसे अलग करदे, किसी की औकात नहीं है..
जमाने ने झूठ बोला, चला लिया मैंने…
वादा करके भी वापस ना लौटी तू, ये तो कोई बात नहीं है…।”
“ना दिल माना, ना रूह मानी, अब तू मेरे साथ नहीं है..
तुझे कोई मुझसे अलग करदे, किसी की औकात नहीं है..
जमाने ने झूठ बोला, चला लिया मैंने…
वादा करके भी वापस ना लौटी तू, ये तो कोई बात नहीं है…।”
Fikar kar dikha mat
kadar kar jtaa mat
chahta hai ki dosti bani rahe
mohabbat kar bta mat 🙌
फिक्र कर दिखा मत
कद्र कर ज़ता मत
चाहता है कि दोस्ती बनी रहे
मोहब्बत कर बता मत 🙌
intazaar kee aarazoo ab kho gayee hai,
khaamoshiyo kee aadat ho gayee hai,
na seekava raha na shikaayat kisee se,
agar hai to ek mohabbat, jo in tanhaiyon se ho gaee hai..
इंतज़ार की आरज़ू अब खो गयी है,
खामोशियो की आदत हो गयी है,
न सीकवा रहा न शिकायत किसी से,
अगर है तो एक मोहब्बत,
जो इन तन्हाइयों से हो गई है..