कितना हारा होगा हमारा दिल
जब किसे ने सवारा होगा तुम्हारा दिल
टुकड़े इतने की गिन नही पाओ गी
टाके इतने की सिल नही पाओ गी
मेरी इस हालत पे भी मुंह मोड़ लिया
क्या प्थर हो गया है तुम्हारा दिल
कितना हारा होगा हमारा दिल
जब किसे ने सवारा होगा तुम्हारा दिल
टुकड़े इतने की गिन नही पाओ गी
टाके इतने की सिल नही पाओ गी
मेरी इस हालत पे भी मुंह मोड़ लिया
क्या प्थर हो गया है तुम्हारा दिल
tere siva koi mere jazbaat me nahi
aankhe me wo nami hai jo barsaat me nahi
paane ki koshish tujhe bahut ki magar
tu ek lakeer hai jo mere haath me nahi
तेरे सिवा कोई मेरे जज़्बात में नहीं,
आँखों में वो नमी है जो बरसात में नहीं,
पाने की कोशिश तुझे बहुत की मगर,
तू एक लकीर है जो मेरे हाथ में नहीं।..
TERA GOSHA

Asin ajh v karde aitbaar tere te
saadi tere ton bagair soch na koi
beshak bhawe tu parat ke vekh le
sade dil vich ajh v khott na koi