कितना हारा होगा हमारा दिल
जब किसे ने सवारा होगा तुम्हारा दिल
टुकड़े इतने की गिन नही पाओ गी
टाके इतने की सिल नही पाओ गी
मेरी इस हालत पे भी मुंह मोड़ लिया
क्या प्थर हो गया है तुम्हारा दिल
Enjoy Every Movement of life!
कितना हारा होगा हमारा दिल
जब किसे ने सवारा होगा तुम्हारा दिल
टुकड़े इतने की गिन नही पाओ गी
टाके इतने की सिल नही पाओ गी
मेरी इस हालत पे भी मुंह मोड़ लिया
क्या प्थर हो गया है तुम्हारा दिल

चैन नही मिलता किसी को मेरा सुकून देखकर,
लड़ती है मुझसे नफरत मेरा जुनून देखकर,
बाहर आ जाती है मयान से खुद तलवारें भी,
मेरी बेगुनाह ख्वाहिशों का बहता खून देखकर...