हुवा इश्क भी बोहोत
हुए नफरत भी बोहोत
अब बस अकेला छोड़ दो
हो चुका बोहोत
Enjoy Every Movement of life!
हुवा इश्क भी बोहोत
हुए नफरत भी बोहोत
अब बस अकेला छोड़ दो
हो चुका बोहोत
maana ki shehar me teri khoob-soorti ke charche hai
kabhi aakar to dekh mere gaao me to pata chalega ki tere yaar ke kitne bachhe hai
माना की शहर में तेरी खूबसूरती के चर्चे हैं
कभी आकर तो देख मेरे गांव में तो पता चलेगा की तेरे यार के कितने बच्चे हैं
कई बार ख्याल बुरे सपनों का खुद-को, जगा-कर मिटा लिया..
गर लगी चोट तो निशानों पर मरहम, लगाकर मिटा लिया..
वो दाग तो मिट गए, जिन जख्मों का असर कम था..
कुछ दर्द शराब से और कुछ को अपने शब्दों से गा कर मिटा लिया..