हुवा इश्क भी बोहोत
हुए नफरत भी बोहोत
अब बस अकेला छोड़ दो
हो चुका बोहोत
Enjoy Every Movement of life!
हुवा इश्क भी बोहोत
हुए नफरत भी बोहोत
अब बस अकेला छोड़ दो
हो चुका बोहोत
कुछ अधूरी ख्वाहिश बाकी है ।
जो किसी मजबूरी से बंधी है ।
अधूरी ख्वाहिश ख्वाब कि तरह बन गई है ।
ख्वाहिश को पाने की चाहत तो अभी बाकी है ।
कुछ यादो को याद करने को संभाला हैं
तेरे खतों को जलाने को संभाला है
जहा हैं वही रह नजर न आ
हमने अपने दिल को बड़ी मुश्किल से संभाला है