इस ग़म के सवेरे में अजीब सा साया है,
दरवाज़े पर मेरे इक फकीर आया है,
उसे भूख है, मुझे अंधेरों ने खाया है,
जो था सब उसे नज़र कैसे ना करता,
वो मेरे लिए मुट्ठी भर रौशनी लाया है…🍂
Enjoy Every Movement of life!
इस ग़म के सवेरे में अजीब सा साया है,
दरवाज़े पर मेरे इक फकीर आया है,
उसे भूख है, मुझे अंधेरों ने खाया है,
जो था सब उसे नज़र कैसे ना करता,
वो मेरे लिए मुट्ठी भर रौशनी लाया है…🍂
*लखनऊ* की शाम थी, पर *तन्हा* थे हम ।
*मुमकिन* होता तुम मेरे होते तो *साथ* होते हम ।।
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Lamhe yeh suhaane saath ho na ho
kal me aajh jaisi baat ho naa ho
aapka pyar hamesha is dil me rahega
chahe poori umar mulaakaat ho naa ho
लम्हें ये सुहाने साथ हो ना हो,
कल मे आज जैसी बात हो ना हो,
आपका प्यार हमेशा इस दिल में रहेगा,
चाहे पूरी उम्र मुलाकात हो ना हो..