Skip to content

Deewane tere || punjabi shayari

Kine diwane suli tange tu
mat paeyaa kar soott kale rang de tu
oehla hi kehar bindi na uto laaeya kar
tere ton guzaarish tu bahar ghat jaaeyaa kar

ਕਿਨੇਂ ਦਿਵਾਨੇ ਸੁਲੀ ਟੰਗੇ ਤੂੰ
ਮੱਤ ਪਾਇਆ ਕਰ ਸ਼ੂਟ ਕਾਲ਼ੇ ਰੰਗ ਦੇ ਤੂੰ
ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਕਹੀਰ ਬਿਂਦੀ ਨਾ ਉਤੋਂ ਲਾਇਆ ਕਰ
ਤੇਰੇ ਤੋਂ ਗੁਜ਼ਾਰਿਸ਼ ਤੂੰ ਬਾਹਰ ਘੱਟ ਜਾਇਆਂ ਕਰ

Title: Deewane tere || punjabi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Mother son poetry hindi || Maa shayari

कोई भी जहर को मीठा नहीं बताता है।
कल अपने आप को देखा था माँ की आँखों में
ये आईना हमे बूढ़ा नहीं बताता है।
ए अँधेरे देख ले मुँह तेरा काला हो गया
माँ ने आँखे खोल दी घर में उजाला हो गया।
किस तरह वो मेरे गुनाहो को धो देती है
माँ बहुत गुस्से में होती है तो रो देती है।
बुलंदियों का बड़े से बड़ा नीसान छुआ
उठाया गोद में माँ ने तब आसमान छुआ।
किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकां आयी
मैं घर में सबसे छोटा था मेरे हिस्से में माँ आयी।

Title: Mother son poetry hindi || Maa shayari


Woh raaho ka hamsafar || dost shayari

वो खुशियों की डगर, वो राहों में हमसफ़र,
वो साथी था जाना पहचाना,
दिल हैं उसकी यादों का दीवाना
वो साथ था जाना पहचाना

गम तो कई उसने भी देखे,
पर राहों में चले खुशियों को लेके
दिल चाहता हैं हर दम हम साथ चलें,
पर इस राह में कई काले बादल हैं घने
वो साथ था जाना पहचाना

मेरे आसुओं को था जिसने थामा,
मुझसे ज्यादा मुझको पहचाना
चारों तरफ था घनघोर अँधियारा,
बनकर आया था जीवन में उजियारा
वो साथ था जाना पहचाना

गिन-गिन कर तारे भी गिन जाऊ,
पर उसकी यादों को भुला ना पाऊ
कहता था अक्सर हर दिन हैं मस्ताना,
हर राह में खुशियों का तराना
वो साथ था जाना पहचाना

कहता हैं मुझे भूल जाना,
अपनी यादों में ना बसाना
देना चाहूँ हर ख़ुशी उसे,
इसीलिए, मिटाना चाहूँ दिल से
वो साथ था जाना पहचाना

                     तरुण चौधरी

Title: Woh raaho ka hamsafar || dost shayari