किसी मीठी सी हवा ने जैसे, मेरे मन को छुआ है..
क्या कोई बीमार है ये? या किसी खास की दुआ है..
दिल बेचैन आजकल ना जाने किन ख्यालों में रहता है..?
समझ नहीं आ रहा आख़िर के, मेरे दिल को क्या हुआ है..?
Enjoy Every Movement of life!
किसी मीठी सी हवा ने जैसे, मेरे मन को छुआ है..
क्या कोई बीमार है ये? या किसी खास की दुआ है..
दिल बेचैन आजकल ना जाने किन ख्यालों में रहता है..?
समझ नहीं आ रहा आख़िर के, मेरे दिल को क्या हुआ है..?
सेहमी हुई सी आंखें उनकी, जैसा कुछ कहना चाहती हैं..
बिना बोले भी जुबान उनकी, जैसी बहुत कुछ बताती है..
जब तक उनके चेहरे पर आई वो बात पढ़ने की कोशिश करता हूं..
ना जाने क्या हो जाता है उसे, नजरें फेर कर चली जाती है..
