Ik lap ku peedan te dujhe lapp ku hanju hn mere kol
har vele rabba meriyaa
ibadat ohdi di thali sjaun de lai
ਇਕ ਲੱਪ ਕੁ ਪੀੜਾਂ ਤੇ ਦੂਜ਼ੇ ਲੱਪ ਕੁ ਹੰਝੂ ਹੁਣ ਮੇਰੇ ਕੋਲ
ਹਰ ਵੇਲੇ ਰੱਬਾ ਮੇਰਿਆ
ਇਬਾਦਤ ਉਹਦੀ ਦੀ ਥਾਲੀ ਸਜਾਉਣ ਲਈ
Ik lap ku peedan te dujhe lapp ku hanju hn mere kol
har vele rabba meriyaa
ibadat ohdi di thali sjaun de lai
ਇਕ ਲੱਪ ਕੁ ਪੀੜਾਂ ਤੇ ਦੂਜ਼ੇ ਲੱਪ ਕੁ ਹੰਝੂ ਹੁਣ ਮੇਰੇ ਕੋਲ
ਹਰ ਵੇਲੇ ਰੱਬਾ ਮੇਰਿਆ
ਇਬਾਦਤ ਉਹਦੀ ਦੀ ਥਾਲੀ ਸਜਾਉਣ ਲਈ
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
उठता है तूफान सीने में जब
जहन में सवाल इक आता है
जब जाना ही है दूर तो
क्यों करीब कोई आता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
जिसे देखना भी नही मुनासिब
आंखे बंद कर करीब उसी को पता है
ढूंढ ले खामियां उसकी हजार पर
दिल तो आज भी बेहतर उसी को बताता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
सपने देखता है नई दुनिया बसाने के तू
नींद तेरी आज भी वही चुराता है
बेख्याल होने का करले तमसील भले
मिलने का ख्याल तो आज भी सताता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
