बात बस इतनी सी है कि... जिस दर में सिर झुकाओ तो अपनी नीयत साफ रखना, दुआएं भी नीयत से होती है, दुआओं की कोई नीयत नहीं होती...
बात बस इतनी सी है कि... जिस दर में सिर झुकाओ तो अपनी नीयत साफ रखना, दुआएं भी नीयत से होती है, दुआओं की कोई नीयत नहीं होती...
ज़िन्दगी के लिए इक ख़ास सलीक़ा रखना
अपनी उम्मीद को हर हाल में ज़िन्दा रखना
उसने हर बार अँधेरे में जलाया ख़ुद को
उसकी आदत थी सरे-राह उजाला रखना
आप क्या समझेंगे परवाज़ किसे कहते हैं।
आपका शौक़ है पिंजरे में परिंदा रखना
बंद कमरे में बदल जाओगे इक दिन लोगो
मेरी मानो तो खुला कोई दरीचा रखना
क्या पता राख़ में ज़िन्दा हो कोई चिंगारी
जल्दबाज़ी में कभी पॉव न अपना रखना
वक्त अच्छा हो तो बन जाते हैं साथी लेकिन
वक़्त मुश्किल हो तो बस ख़ुद पे भरोसा रखना
mere dil te likhiyea tera naam
vekhi ik din sadaa lai mitt jaana
ਮੇਰੇ ਦਿਲ ਤੇ ਲਿਖਿਆ ਤੇਰੇ ਨਾਮ
ਵੇਖੀਂ ਇਕ ਦਿਨ ਸਦਾ ਲਈ ਮਿਟ ਜਾਣਾ